कारोबारी गोपाल कांडा पहले हरियाणा के पूर्व मंत्री भी थे। गुरुग्राम के तीन ठिकानों पर ED यानी एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने 17 सितंबर को छापेमारी की। रियल एस्टेट कंपनी वाटिका लिमिटेड से जुड़ी ये कार्रवाई फाइनेंसियल फ्रॉड और मनी लॉन्डरिंग की जांच के तहत की गई है। ED की कार्रवाई में कांडा का फार्महाउस, घर और ऑफिस शामिल किए गए हैं। 

661 इन्वेस्टर्स से जुटाए गए 248.46 करोड़

ED की जांच गुरुग्राम के 4 कमर्शियल प्रोजेक्ट्स से जुड़ी है। इन प्रोजेक्ट्स में करीब 661 इन्वेस्टर्स से 248.46 करोड़ रुपये लिए गए थे। इन्वेस्टर्स को समय पर कब्जा देने, लीज रेंटल, अश्योर्ड रिटर्न और सेल डीड पूरी करने का ट्रस्ट दिया गया था। आरोप है कि वादों के बावजूद इन्वेस्टर्स को अब तक कब्जा नहीं दिया गया और प्रॉमिस्ड सेल डीड्स भी पूरी नहीं की गईं। इसी मामले की वजह से ED अब पैसे के पूरे फण्ड ट्रेल की जांच कर रही है। 

पैसा कहां गया ED कर रही जांच

अधिकारीयों के अनुसार, जांच में कुछ फाइनेंशियल ट्रांसक्शन्स के स्टेटमेंट सामने आए हैं। आरोप है कि धन को एक जगह से दूसरी जगह भेजा गया और कुछ जुड़ी अलग-अलग कम्पनीज में ट्रांसफर किया गया। ED इसी मनी ट्रेल को ट्रेस करने के लिए उनके घर, फार्महाउस और ऑफिस में छापेमारी कर रही है। जांच अभी जारी है और इन आरोपों पर अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

2023 में भी हुई थी ED की कार्रवाई

कारोबारी गोपाल कांडा इससे पहले भी ED की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। अगस्त 2023 में ED ने उनके घर और MDLR Airlines से जुड़े ऑफिस में सर्च की थी। उस दौरान अधिकारियों ने कई घंटों तक डाक्यूमेंट्स और फाइनेंशियल रिकार्ड्स की जांच की थी। कांडा सिरसा के विधायक भी रह चुके हैं। 2024 के विधानसभा चुनाव में वह सिरसा सीट से चुनाव हार गए थे। उनके वकील अरुण खत्री ने कहा है कि वे फिलहाल ED के मामले की डिटेल्स पता कर रहे हैं। 

रेडियो रिपेयर शॉप से बिजनेस  तक का सफर

गोपाल कांडा का शुरुआती जीवन सिरसा में बीता। उन्होंने पहले रेडियो रिपेयर की दुकान चलाने से शुरुआत की। इसके बाद फुटवियर बिजनेस और फिर फैक्ट्री के जरिए कारोबार बढ़ाया। बाद में उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर में एंट्री की। साल 2007 में उन्होंने अपने पिता के नाम पर MDLR Airlines शुरू की थी, लेकिन बाद में एयरलाइन बंद हो गई। इसके बाद उनका बिजनेस कई अलग-अलग सेक्टर्स तक फैला। कांडा 2012 में हुए होस्टेस गीतिका शर्मा की सुसाइड केस को लेकर भी चर्चा में आए थे। उन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में 2023 में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था। अब एक बार फिर ED की कार्रवाई के बाद गोपाल कांडा और उनसे जुड़ी कम्पनीज के फाइनेंशियल ट्रांसक्शन्स जांच के दायरे में हैं।