फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर हुए हिंसक विवाद के मामले में नया अपडेट सामने आया है। सऊदी अरब ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को सौंप दिया है। यह कार्रवाई सऊदी अधिकारियों की प्रारंभिक जांच के बाद हुई है। फ्लाइट FZ1073 को 30 सितंबर को कॉकपिट में हुई घटना के बाद सऊदी अरब के ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। सऊदी गृह मंत्रालय के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया कि को-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया, जिसके बाद दोनों पायलट घायल हुए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

क्या है पूरा मामला?

फ्लाईदुबई की Boeing 737-8 MAX फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन और को-पायलट के बीच कथित तौर पर हाथापाई हुई। घटना के बाद विमान ने इमरजेंसी संकेत भेजे और उसका रूट बदलकर सऊदी अरब के ताबुक की ओर किया गया। सऊदी अधिकारियों के अनुसार विमान करीब 9:45 बजे स्थानीय समय पर सुरक्षित रूप से ताबुक पहुंचा। विमान में 174 यात्री और चालक दल के आठ सदस्य सवार थे। यात्रियों को बाद में दूसरे फ्लाईदुबई विमान से उनकी मंजिल तक पहुंचाया गया।

दोनों पायलट अस्पताल में भर्ती

कॉकपिट में हुई घटना के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार और को-पायलट दोनों घायल हुए थे। सऊदी अधिकारियों ने दोनों को उनकी हालत के अनुसार अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद दोनों को चिकित्सकीय रूप से यात्रा के लिए फिट घोषित किया गया। इसके बाद गुरुवार सुबह UAE की सुरक्षा टीम के साथ दोनों सऊदी अरब से अबू धाबी के लिए रवाना हुए। को-पायलट को आगे की जांच के लिए UAE अधिकारियों को सौंप दिया गया।

UAE में होगी आगे की जांच

मामले की जांच अब UAE में आगे बढ़ेगी। UAE के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल-शम्सी ने घटना की परिस्थितियों और इसके पीछे के संभावित मकसद की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कॉकपिट में हुई घटना अचानक हुई थी या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी। किसी संभावित आतंकी गतिविधि या उद्देश्य से संबंध की भी जांच की जा रही है। अभी जांच पूरी नहीं हुई है, इसलिए घटना के अंतिम कारण पर निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

को-पायलट को लेकर क्या जानकारी सामने आई?

रिपोर्टों में को-पायलट को ओमानी नागरिक बताया गया है। उसकी पहचान सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की गई है। सऊदी अधिकारियों ने विमान के ताबुक पहुंचने के बाद उसे हिरासत में लेकर प्रारंभिक पूछताछ की थी। घटना के पीछे उसका मकसद क्या था और क्या वह विमान पर नियंत्रण हासिल करने या उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा था, इसकी जांच जारी है। इन पहलुओं पर अभी आधिकारिक जांच का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा

घटना के दौरान घायल हुए भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका की काफी चर्चा हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने कथित हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान में मौजूद रिजर्व क्रू की मदद से विमान को स्थिर किया गया और सुरक्षित रूप से ताबुक में उतारा गया। भारतीय अधिकारियों ने भी मच्छार के स्वास्थ्य की जानकारी साझा की है। भारतीय दूतावास के मुताबिक उनकी हालत में सुधार हो रहा है और उन्हें UAE में आगे का इलाज मिल रहा है।

यात्रियों ने संभाली थी स्थिति

इस हादसे के दौरान विमान में सवार यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने सूझबूझ दिखाते हुए हालात को संभालने में पूरी मदद की। खबरों के मुताबिक, घायल कप्तान के कॉकपिट से बाहर आने के बाद कुछ यात्री अंदर गए और उन्होंने सह-पायलट को नियंत्रित करने में सहयोग किया। इसके बाद, विमान में मौजूद दूसरे क्रू मेंबर ने कमान अपने हाथ में ली और विमान को सऊदी अरब के ताबुक शहर में सुरक्षित लैंड कराया।

वर्तमान में जांच एजेंसियां इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि कॉकपिट के भीतर विवाद की असली वजह क्या थी, सह-पायलट ने कप्तान पर हमला क्यों किया और क्या इसके पीछे विमान पर कब्जा करने या उसे क्रैश करने की कोई साजिश थी। इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि इस घटना के पीछे किसी बाहरी संगठन, पूर्व नियोजित योजना या किसी अन्य नापाक इरादे का हाथ तो नहीं था। फिलहाल सभी एंगल से जांच चल रही है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।