Sussanne Khan की ‘गोल्ड डाइट’ ने खींचा लोगों का ध्यान, फराह खान ने किया खुलासा

Sussanne Khan की ‘गोल्ड डाइट’ ने खींचा लोगों का ध्यान, फराह खान ने किया खुलासा

मुंबई, 23 मई। प्रसिद्ध फिल्म निर्माता संजय खान की संतान और मशहूर इंटीरियर डिजाइनर सुजैन खान भले ही मीडिया से दूर रहती हैं, लेकिन उनके दोस्तों का नेटवर्क खासा प्रभावशाली है। इसी बीच, उनका फराह खान के साथ खास रिश्ता भी देखा जा सकता है। हाल ही में फराह खान ने खुलासा किया कि सुजैन ने उन्हें 'गोल्ड डाइट' का पालन करने के लिए कहा है। फराह ने यह जानकारी शनिवार को एक इंस्टाग्राम पोस्ट में दी, जहां उन्होंने एयरपोर्ट लाउंज से एक वीडियो साझा किया और बताया कि वह कुछ भी नहीं खा सकतीं क्योंकि सुजैन ने उन्हें 'गोल्ड डाइट' पर रखा है।

फराह ने वीडियो के साथ लिखा, "सुजैन खान ने मुझे 'गोल्ड डाइट' पर रखा है।"

हाल ही में, सुजैन खान ने एक पोस्ट साझा किया था जिसमें वे ज्वैलरी पहने हुए नजर आ रही थीं। उन्होंने लिखा, "हमने गोल्ड को नहीं छोड़ा है... बस उसके साथ जुड़ा भारीपन छोड़ दिया है। इस प्रकार, पेश है 'द गोल्ड डाइट'... जिसे आधुनिक भारतीय महिलाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।"

फराह खान फिल्म उद्योग में एक अभिजात नाम हैं। भले ही वह अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से युवा पीढ़ी में प्रसिद्धि रखती हैं, लेकिन वह एक प्रतिष्ठित फिल्म निर्माता और कोरियोग्राफर भी हैं। उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए डांस से करियर की शुरुआत की थी। दरअसल, उनके पिता की फिल्म असफल होने से उनका परिवार कर्ज में डूब गया था, जिससे उन्हें मां के गहने और घरेलू सामान बेचने की भी नौबत आई। इसके बाद फराह ने आर्थिक तंगी के चलते एक डांस ग्रुप में शामिल होकर फिल्मों में बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम करना शुरू किया।

साल 1992 में फिल्म 'जो जीता वही सिकंदर' के गाने 'पहला नशा' के लिए सरोज खान के प्रोजेक्ट को छोड़ने के बाद फराह को कोरियोग्राफी का अवसर मिला, जो उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ बना।

इसके बाद उन्होंने 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'कुछ कुछ होता है', 'कभी खुशी कभी गम' और 'कल हो ना हो' जैसी 100 से अधिक फिल्मों में कोरियोग्राफी की। उन्हें एक राष्ट्रीय पुरस्कार और सात फिल्मफेयर पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं और वह कई डांस रियलिटी शो में जज भी रह चुकी हैं।

कोरियोग्राफी में सफलता के बाद फराह ने निर्देशन में कदम रखा। 2004 में उन्होंने अपनी पहली फिल्म 'मैं हूं ना' का निर्देशन किया, इसके बाद 'ओम शांति ओम' (2007) और 'हैप्पी न्यू ईयर' (2014) जैसी सफल फिल्मों का निर्देशन किया। वह फिल्मफेयर पुरस्कार में 'सर्वश्रेष्ठ निर्देशक' श्रेणी में नामांकित होने वाली पहली महिला बनीं।