भारत में कई मंदिर अपनी अनोखी मान्यताओं और रहस्यमयी परंपराओं के लिए प्रसिद्ध हैं। आमतौर पर हिंदू धर्म में मासिक धर्म के दौरान महिलाओं के पूजा-पाठ को लेकर कई मान्यताएँ हैं, लेकिन देश में कुछ ऐसे मंदिर भी मौजूद हैं जहाँ महिलाओं को हर परिस्थिति में प्रवेश और पूजा की अनुमति दी जाती है। खास बात यह है कि इन मंदिरों में पूजा-अनुष्ठान की जिम्मेदारी भी महिलाओं के हाथों में होती है।
1. मां लिंग भैरवी मंदिर, तमिलनाडु
Linga Bhairavi Temple
कोयंबटूर से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित मां लिंग भैरवी मंदिर स्त्री शक्ति का प्रतीक माना जाता है। यह मंदिर ईशा फाउंडेशन परिसर में स्थित है और अपनी अनोखी परंपराओं के कारण दुनियाभर में प्रसिद्ध है।
मंदिर की खास बातें
- यहां पूजा और सभी अनुष्ठान केवल महिलाएं करती हैं।
- मासिक धर्म के दौरान भी महिलाओं को पूजा की पूरी अनुमति होती है।
- मंदिर में देवी की प्रतिमा नहीं, बल्कि लंबे चपटे पत्थर के रूप में शक्ति की पूजा की जाती है।
- गर्भगृह में पूजा करने वाली महिला पुजारियों को “भैरागिनी” कहा जाता है।
- मंदिर की दीवारों पर बना त्रिकोण स्त्री ऊर्जा और सृष्टि के सृजन का प्रतीक माना जाता है।
2. चक्कुलाथुकावु मंदिर, केरल
Chakkulathukavu Temple
दक्षिणी केरल का चक्कुलाथुकावु मंदिर महिलाओं की विशेष पूजा परंपरा के लिए जाना जाता है। यह मंदिर हर साल होने वाले पोंगल उत्सव के दौरान खास आकर्षण का केंद्र बन जाता है।
मंदिर की खास बातें
- पोंगल उत्सव के दौरान 10 से 11 दिनों तक पूजा केवल महिलाएं करती हैं।
- उत्सव के मुख्य दिन पुरुषों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहती है।
- महिलाओं की आस्था और भागीदारी के कारण इसे “महिलाओं का सबरीमाला” भी कहा जाता है।
3. मन्नारसला नागराज मंदिर, केरल
Mannarasala Sree Nagaraja Temple
केरल के अलप्पुझा जिले में स्थित यह मंदिर नाग देवताओं को समर्पित है और अपनी अनूठी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है।
मंदिर की खास बातें
- मंदिर की पूरी देखरेख महिलाओं द्वारा की जाती है।
- यहां मुख्य पुजारी एक महिला होती हैं, जिन्हें “मन्नारसला अम्मा” कहा जाता है।
- मान्यता है कि एक ब्राह्मण महिला की पूजा से नागराज प्रसन्न हुए थे और उन्हें नाग समान पुत्र प्राप्त हुआ था।
- तभी से इस मंदिर की पूजा और परंपरा महिलाओं के हाथों में चली आ रही है।
4. कुमारी अम्मन मंदिर, तमिलनाडु
Kumari Amman Temple
तमिलनाडु के कन्याकुमारी में स्थित कुमारी अम्मन मंदिर देवी के कुमारी स्वरूप को समर्पित है। यह मंदिर अपनी अनोखी परंपराओं और आध्यात्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है।
मंदिर की खास बातें
- यहां देवी के कुमारी रूप की पूजा की जाती है।
- मुख्य गर्भगृह में केवल महिलाओं को प्रवेश की अनुमति है।
- पुरुषों के लिए मंदिर के कुछ हिस्सों में प्रवेश सीमित रखा गया है।
- यह मंदिर ब्रह्मचर्य और संन्यास की दीक्षा के लिए भी प्रसिद्ध माना जाता है।
इन मंदिरों की परंपराएं यह दिखाती हैं कि भारत की आध्यात्मिक संस्कृति कितनी विविध और अनोखी है। यहां महिलाओं को शक्ति, श्रद्धा और पूजा की मुख्य धुरी माना जाता है।