एसएम कृष्णा मेमोरियल टेनिस: इल्या इवाश्का और बिर्युकोव के बीच फाइनल मुकाबला, स्टीवर्ट और ग्रे सेमीफाइनल में हुए बाहर

एसएम कृष्णा मेमोरियल टेनिस: इल्या इवाश्का और बिर्युकोव के बीच फाइनल मुकाबला, स्टीवर्ट और ग्रे सेमीफाइनल में हुए बाहर

बेंगलुरु, 22 मई। इल्या इवाश्का ने ब्रिटेन के तीसरे वरीयता प्राप्त हैमिश स्टीवर्ट और पेट्र बार बिर्युकोव ने एलास्टेयर ग्रे को सेमीफाइनल में हराकर एसएम कृष्णा मेमोरियल ओपन के पुरुष एकल फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की है। शनिवार को इवाश्का और बिर्युकोव के बीच एकल फाइनल मैच आयोजित होगा।

शुक्रवार को जो सेमीफाइनल मुकाबला हुआ, उसमें इवाश्का ने हैमिश स्टीवर्ट को 6-3, 3-6, 6-2 से हराया, जबकि बिर्युकोव ने एलास्टेयर ग्रे को 3-6, 6-4, 7-6 (5) से मात देकर फाइनल में प्रवेश किया।

बेलारूस के इस खिलाड़ी ने अपनी सटीक सर्विस और प्रभावशाली शॉट्स की मदद से पहले सेट में बढ़त बनाई और इसे 6-3 से अपने नाम कर लिया।

दूसरे सेट में स्टीवर्ट ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया और इसे 6-3 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर लाया। निर्णायक सेट पूरी तरह से इवाश्का के पक्ष में रहा, जिन्होंने तीसरे सेट को 6-2 से जीतकर फाइनल में स्थान हासिल किया।

दूसरे सेमीफाइनल में बिर्युकोव ने अपने जोरदार सर्विस और शक्तिशाली फोरहैंड से एलास्टेयर ग्रे को एक रोमांचक तीन-सेट मैच में पराजित किया। यह मैच 2 घंटे और 1 मिनट तक चला, जिसमें बिर्युकोव के क्रॉस-कोर्ट फोरहैंड्स ने ग्रे को कई बार अपनी स्थिति से बाहर निकाला। ग्रे ने पहले गेम में तीन ब्रेक से जोरदार शुरुआत की और पहला सेट 6-3 से जीता। बिर्युकोव ने दूसरे सेट को 6-4 से अपने नाम किया। अंतिम सेट में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन बिर्युकोव ने पांचवें गेम में शुरुआती ब्रेक हासिल किया। हालांकि, ग्रे ने 10वें गेम में वापसी की और मैच को टाईब्रेक में पहुंचाया, जहां बिर्युकोव ने 7-5 से जीत हासिल की और फाइनल में पहुंचे।

युगल मुकाबले में भारतीयों की उम्मीदें बरकरार रही, जब आदिल कल्याणपुर और मुकुंद शशिकुमार ने दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी, आयरलैंड के चार्ल्स बैरी और ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ चार्लटन को सीधे सेटों में 6-4, 6-3 से हराकर फाइनल में अपनी जगह बनाई। वहीं, दूसरी भारतीय जोड़ी निकी कलियंडा पूनाचा और साकेत माइनेनी को कजाकिस्तान के पेट्र बार बिर्युकोव और ग्रिगोरी लोमाकिन के हाथों सीधे सेटों में 3-6, 4-6 से हार का सामना करना पड़ा।