एएनआरएफ ने बहु-विषयक नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 10 रिसर्च सेंटर का चयन किया

एएनआरएफ ने बहु-विषयक नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 10 रिसर्च सेंटर का चयन किया

नई दिल्ली, 20 मई। भारत की प्रमुख शोध वित्तपोषण संस्था अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) ने वैज्ञानिक ज्ञान को सामाजिक विज्ञान और मानविकी के साथ जोड़ने के लिए 10 कन्वर्जेंस रिसर्च सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का चयन किया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस विषय की जानकारी एक आधिकारिक बयान में बुधवार को साझा की। मंत्रालय ने कहा कि इस पहल का मकसद ऐसे केन्द्र स्थापित करना है, जो समाज के जटिल मुद्दों को एकीकृत और बहु-विषयक शोध के माध्यम से हल कर सकें।

चयनित संस्थानों में आईआईटी गांधीनगर, एनआईएएस बेंगलुरु, आईआईटी मद्रास, एनआईटी अगरतला, आईएचडी दिल्ली, आईआईटी धारवाड़, आईआईएम जम्मू, आईआईटी कानपुर, चाणक्य विश्वविद्यालय और पीएसजीआर कृष्णम्मल कॉलेज फॉर वूमेन हैं।

ये केन्द्र विभिन्न क्षेत्रों जैसे पुरातत्व, पारंपरिक ज्ञान प्रणाली, डिजिटल मानविकी, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और कम्प्यूटेशनल इकोनॉमिक्स पर आधारित शोध करेंगे।

इस कार्यक्रम के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि हर केन्द्र में एक ही संस्थान या विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक संगठनों, मंत्रालयों और निजी संस्थाओं के बीच अंतर-विषयक सहयोग का कार्य हो।

इन केन्द्रों में कार्यरत सह-प्रधान अन्वेषक (को-पीआई) विभिन्न संस्थानों के नेटवर्क का प्रतिनिधित्व करते हैं। कुल मिलाकर ये 20 सहयोगी संस्थानों से जुड़े हैं, जिनमें राज्य और केंद्रीय विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), निजी विश्वविद्यालय, कॉलेज और मान्यता प्राप्त अनुसंधान एवं विकास संस्थान शामिल हैं।

इस कार्यक्रम को शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों से भारी प्रतिक्रिया प्राप्त हुई, जिसमें कुल 945 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जो इसकी राष्ट्रीय महत्व और प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।

यह कार्यक्रम वैज्ञानिक ज्ञान और सामाजिक समझ को मिलाकर क्षेत्रीय और राष्ट्रीय समस्याओं का समग्र समाधान खोजने की कोशिश करेगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और बिग डेटा एनालिटिक्स के युग में, इस तरह का समन्वय सामाजिक-आर्थिक प्रगति के नए द्वार खोल सकता है और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

एएनआरएफ का कन्वर्जेंस रिसर्च सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से प्रेरित है और 'विकसित भारत 2047' के दृष्टिकोण के अनुसार तैयार किया गया है।