दलीप ट्रॉफी के फाइनल का आज तीसरा दिन था। जहां साउथ जोन ने अपनी पहली पारी की शुरुआत की। साउथ जोन ने बैटिंग करते हुए बहुत बुरी शुरुआत की। रिकी भुई और नारायण जगदीसन दोनों ने ओपनिंग की और कुछ खास शुरुआत नहीं दे पाए। दोनों बल्लेबाज 1 और 32 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उसके बाद देवदत्त पडिकल और सहायक रशीद ने पारी की कमान संभाली। देवतादत्त ने कुल 62 रन बनाए और शेख ने 27 रन लगाए। इन दोनों के बाद टीम के कप्तान ने पारी को आगे बढ़ाया और नाबाद 56 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे। श्रेयस गोपाल ने 26 रन बनाए, साथ ही रविचंद्रन ने भी छोटी 23 रन की पारी खेली। कप्तान तिलक वर्मा और चमा मिलिंद नाबाद रहकर दिन को खत्म किया और साउथ जोन को एक सम्मानजनक 242 रन के स्कोर तक पहुंचाया। ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने बहुत अच्छी शुरुआत की और मोहम्मद शमी ने अपना अनुभव दिखाया और इकोनोमिकल गेंदबाजी की और साथ ही 2 विकेट भी चटकाए। उनके साथ मुकेश कुमार ने 2 विकेट भी लिए। शिखर मोहन को 1 विकेट लगा।
दलीप ट्रॉफी के पहले दिन हाइलाइट्स
ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का चयन किया। जिसके साथ वैभव और अभिमन्यु दोनों ने 100 रन जोड़े थे, जिसे चमा मिलिंद ने तोड़ा। वैभव ने 44 रन की तेज पारी खेली और अभिमन्यु 72 रन लगाकर रन आउट हो गए। ईशान और कुशाग्र ने बढ़िया साझेदारी दिखाई और 144 रन की पार्टनरशिप कर दी। शिखर मोहन ने भी 85 रन लगाए और चमा मिलिंद के बॉल पर विकेट दे बैठे। पहले दिन के समापन तक ईशान किशन ने भी अपनी सेंचुरी पूरी कर ली।
फाइनल के दूसरे दिन की हाइलाइट्स
दलीप ट्रॉफी का दूसरा दिन ईशान और कुशाग्र ने शुरू किया। दूसरे दिन के समापन तक ईशान ने 270 रन जड़ दिए, जिसमें 30 चौके और सात छक्के शामिल थे। कुशाग्र ने भी अपनी सेंचुरी पूरी की और 101 रन पर अपना विकेट दे बैठे। इन 2 दिनों में ईस्ट जोन के बल्लेबाजों का जोर दिखा, ईशान दूसरे दिन रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौट गए थे, लेकिन फिर वो बल्लेबाजी करने वापिस आए। ईस्ट जोन के अंतिम बल्लेबाज मुकेश कुमार हुए। दूसरे दिन के अंत पर ईस्ट जोन ने अपनी पारी को 708 रन पर विराम लगाया।