चेन्नई, 25 मई। अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने सोमवार को विल्लुपुरम जिले में एक 11 वर्षीय लड़की के कथित यौन उत्पीड़न की घटना के बाद, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर तमिलनाडु सरकार की निंदा की। उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से जन सुरक्षा पर अधिक ध्यान देने और नाबालिगों तथा महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का अनुरोध किया।
टीटीवी दिनाकरन ने मीडिया में आई खबरों का जिक्र किया जिसमें कहा गया है कि विल्लुपुरम जिले के मराक्कनम के नजदीक वंडीपलयम क्षेत्र की एक 11 साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना ने स्थानीय समुदाय को चौंका दिया है और इससे राज्य में बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिर से चिंताएं बढ़ गई हैं।
एएमएमके के नेता ने कहा कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब तमिलनाडु में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर पहले से ही गंभीर चिंता और विरोध का माहौल बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि कोयंबटूर की हालिया घटना के बारे में जनता का गुस्सा शांत होने से पहले ही एक और गंभीर मामला सामने आया है। दिनाकरन ने कोयंबटूर जिले के सुलूर में हुई घटना का जिक्र किया, जहां एक 10 वर्षीय बच्ची का कथित तौर पर अपहरण, यौन उत्पीड़न और बेदर्दी से हत्या कर दी गई, जिससे राज्य की राजनीति और आम जनता में तीखी प्रतिक्रिया देखी गई।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की बार-बार घटनाएं महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न उठाती हैं।
सरकार पर सवाल उठाते हुए दिनाकरन ने मुख्यमंत्री विजय द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के संदर्भ में पहले की गई घोषणाओं और वादों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विजय ने पहले भी महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर गहरी चिंता जाहिर की थी और खुद को महिलाओं और लड़कियों का रक्षक बताया था।
एएमएमके के नेता ने यह सवाल उठाया कि जब राज्य में महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामले लगातार सामने आ रहे हैं, तो मुख्यमंत्री अब चुप क्यों हैं? उन्होंने कहा कि सरकारों को केवल सहानुभूति दिखाने से आगे बढ़कर, सुरक्षा रोकथाम के मजबूत उपायों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
दिनाकरन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि विल्लुपुरम मामले में आरोपियों को कठोरतम सजा दिलाने का प्रयास करें और महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें। साथ ही उन्होंने कहा कि जन सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर होना चाहिए।