नई दिल्ली, 22 मई। दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर यात्रियों को सुविधाएं बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एनसीआरटीसी ने सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर वाणिज्यिक स्थानों की लाइसेंसिंग के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। इसका उद्देश्य स्टेशन परिसर को केवल ट्रांजिट प्वाइंट तक सीमित नहीं रखना, बल्कि इसे एक आधुनिक और सक्रिय शहरी केंद्र में तब्दील करना है। जारी निविदाओं के अनुसार, सराय काले खां नमो भारत स्टेशन के ग्राउंड फ्लोर पर आठ स्थान वाणिज्यिक उपयोग के लिए उपलब्ध होंगे।
इन स्थानों का कुल क्षेत्रफल लगभग 818 वर्ग मीटर या लगभग 8,800 वर्ग फुट है। इसमें छोटे 17 वर्ग मीटर के यूनिट्स से लेकर बड़े 247 वर्ग मीटर तक के वाणिज्यिक स्पेस शामिल हैं। ये स्थान "एज इज वेयर इज" के आधार पर 9 से 15 वर्षों की लाइसेंस अवधि के लिए दिए जाएंगे।
इन वाणिज्यिक स्थानों का उपयोग फूड एंड बेवरेज आउटलेट्स, कैफे, कन्विनिएंस स्टोर, सर्विस सेंटर, पॉड सेवाओं और अन्य खुदरा गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को स्टेशन परिसर के भीतर ही कई आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी।
एनसीआरटीसी का मानना है कि यह पहल यात्रियों का समय बचाने के साथ-साथ उनके यात्रा अनुभव को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक बनाएगी। इसके अलावा, स्टेशन के आसपास रहने वाले निवासी और आगंतुक भी बेहतर खुदरा और सेवा सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
सराय काले खां स्टेशन को दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के महत्वपूर्ण और बड़े स्टेशनों में गिना जा रहा है। यह स्टेशन एक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित हो रहा है, जिसकी कनेक्टिविटी इसे और विशेष बनाती है। यह स्टेशन हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, वीर हकीकत राय आईएसबीटी और दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन से सीधे जुड़ा हुआ है। इसके अलावा रिंग रोड तक भी इसका आसान पहुंच है।
हाल ही में यात्रियों की सुविधा के लिए 280 मीटर लंबा कवर्ड फुट ओवरब्रिज शुरू किया गया है, जिसमें ट्रैवलेटर की सुविधा भी मौजूद है। यह ओवरब्रिज हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करता है, जिससे दोनों परिवहन प्रणालियों के बीच इंटरचेंज करना अधिक आसान हो गया है।
एनसीआरटीसी का कहना है कि सराय काले खां स्टेशन अपनी रणनीतिक स्थिति, उच्च दृश्यता और भविष्य में बड़ी यात्री संख्या के कारण मजबूत वाणिज्यिक संभावनाएं रखता है। यही कारण है कि यह स्थान निवेशकों, रिटेलर्स और सेवा प्रदाताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। स्टेशन परिसर को ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट मॉडल के तहत विकसित करने की योजना है, जहां वाणिज्यिक और मिश्रित उपयोग विकास की बड़ी संभावनाएं होंगी।
एनसीआरटीसी का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों और व्यवसायों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना भी है, ताकि स्टेशन परिसर यात्रियों के लिए और भी जीवंत और उपयोगी बने। इस पहल से रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होने के साथ-साथ गैर-किराया स्रोतों से आय में भी वृद्धि होगी।
इच्छुक बोलीदाता ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। बोली जमा करने की अंतिम तिथि 17 जून 2026 निर्धारित की गई है। निविदा से संबंधित विस्तृत जानकारी एनसीआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट और सीपीपी पोर्टल पर उपलब्ध है।