नई दिल्ली, 21 मई। नशीले पदार्थों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' से प्रेरित होकर दिल्ली पुलिस ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पूर्वी जिले की एंटी नारकोटिक्स टीम ने एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस अभियान में 195.56 ग्राम हेरोइन बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 25 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इस सिलसिले में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार तस्करों में से मुख्य आरोपी अबरार है, जो बरेली, उत्तर प्रदेश का निवासी है। बाकी के दो आरोपी दिल्ली से हैं। इनके पास से हेरोइन के साथ-साथ नशीले पदार्थों की तस्करी में प्रयुक्त एक यामाहा स्कूटी भी बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, 14 और 15 मई की रात गाजियाबाद के डंपिंग यार्ड के आस-पास एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने जाल बिछाया। इस दौरान 22 वर्षीय सर्वेश को पकड़ा गया, जो शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। उसकी तलाशी में 73.11 ग्राम हेरोइन मिली।
पूछताछ में सर्वेश ने बताया कि वह हेरोइन अबरार से लेता था और साहिल को दिल्ली में सप्लाई करता था। पुलिस ने सर्वेश की जानकारी के आधार पर जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के निकट 24 वर्षीय साहिल को भी गिरफ्तार किया, जो भलस्वा डेयरी क्षेत्र का निवासी है। उसके पास से 92.45 ग्राम हेरोइन और एक स्कूटी बरामद हुई।
इसके बाद टीम अबरार तक पहुँची, जो 40 साल का है और बरेली के भमोरा गांव का निवासी है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए बरेली में छापेमारी की, जहां से 30 ग्राम हेरोइन भी बरामद हुई। इस तरह पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हो गया।
जांच में यह भी सामने आया कि साहिल खुद नशे का आदी था। वह छोटी मात्रा में नशीले पदार्थ खरीदकर बेचता था और बाद में थोक में खरीदने लगा। तीनों आरोपी पैसों के लालच में इस गैरकानूनी व्यापार में शामिल थे और दिल्ली-एनसीआर में नशे की लत वाले लोगों की कमजोरी का फायदा उठाते थे।
दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टीम ने यह अभियान बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से संचालित किया। टीम ने स्थानीय स्रोतों और खुफिया सूचनाओं का इस्तेमाल किया। इंस्पेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व में टीम ने लगातार मेहनत की। इस मामले की आगे की जांच जारी है, और पुलिस अन्य संभावित संबंधों की भी खोजबीन कर रही है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ निरंतर अभियान चल रहे हैं। समाज को नशे की बुराइयों से मुक्त करने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे गिरोहों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उन्हें समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।