नई दिल्ली, 25 मई। क्राइम ब्रांच दिल्ली ने झारखंड के साहिबगंज जिले के बोरियो थाना क्षेत्र में एक अपहरण और हत्या के मामले का खुलासा किया है। इस दौरान एक संदिग्ध को गिरफ्तार भी किया गया है। बताया गया कि आरोपी हत्या के बाद झारखंड से भागकर दिल्ली में छुपा हुआ था।
21 मई को साहिबगंज के बोरियो थाने में चंपाई मरांडी के संदिग्ध हालात में लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जांच में यह सामने आया कि चंपाई का शव लापता होने के 10 दिन बाद जंगल से मिला। प्रारंभिक जांच में पता चला कि चंपाई को आखिरी बार आरोपियों के साथ शराब पीते देखा गया था। आरोपियों ने हत्या के बाद शव को छिपाने के प्रयास में इसे जंगल में दफन कर दिया और तत्काल गांव से भाग गए।
दिल्ली क्राइम ब्रांच के हेड कांस्टेबल गौरव को यमुना बाजार स्थित हनुमान मंदिर के पास सुखदेव मुर्मू उर्फ टाला के मौजूद होने की पुख्ता जानकारी मिली। सूत्रों ने बताया कि आरोपी ने अपने साथी के साथ झारखंड में हुई हत्या में अपनी भागीदारी स्वीकार की थी। इसके अलावा उसने बताया कि शव को जंगल में छिपा दिया गया था।
इस सूचना को क्राइम ब्रांच टीम ने बोरियो थाने के एसएचओ (एसआई रोहित) के साथ साझा किया। उन्होंने अपहरण के मामले की पुष्टि की और बाद में शव मिलने के बाद हत्या की धाराएं जोड़ने की जानकारी दी। यह भी बताया गया कि आरोपी घटनास्थल से भाग चुके थे। आरोपी की पहचान और उसकी संलिप्तता को स्थापित करने के लिए झारखंड पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखा गया, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई की।
टीम ने यमुना बाजार के हनुमान मंदिर के आसपास निगरानी की और उस क्षेत्र में एक जाल बिछाया। लगातार निगरानी और तकनीकी सहायता के चलते 24 मई को आरोपी को धर दबोचा गया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सुखदेव मुर्मू बताया। उसने खुलासा किया कि 12 मई को उसने बाबूजी मरांडी, मंगल टुडू और चंपाई मरांडी के साथ शराब पी थी। शराब के नशे में उनके बीच बहस हुई, जिसके फलस्वरूप उसके साथियों ने चंपाई का गला घोंट दिया और उसने इसमें उनकी मदद की। आरोपी खेती में मजदूर के तौर पर काम करता है, वह अशिक्षित है और शराब का आदी है।