दिल्ली: नजफगढ़ में हत्या के प्रयास के मुख्य शूटर गौरव मसालेवाला गिरफ्तार

दिल्ली: नजफगढ़ में हत्या के प्रयास के मुख्य शूटर गौरव मसालेवाला गिरफ्तार

नई दिल्ली, 20 मई। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नजफगढ़ थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे मुख्य शूटर गौरव जिसे लव शर्मा, संदीप और मसालेवाला भी कहा जाता है, को गिरफ्तार किया है। आरोपी लगातार पुलिस से बचने के लिए अपने ठिकाने बदलता रहा था। क्राइम ब्रांच की एंटी गैंगस्टर स्क्वॉड (एजीएस) ने गुप्त सूचना के आधार पर हरिनगर में दीन दयाल अस्पताल के निकट जाल बिछाया और उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी ने भागने और विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, गौरव नजफगढ़ थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ हत्या, लूट, स्नैचिंग, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के तहत 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से नजफगढ़ क्षेत्र में चल रही आपराधिक गतिविधियों को एक बड़ा झटका लगा है।

यह घटना 23 अप्रैल की रात की है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह अपने दोस्त के घर रोशन गार्डन, नजफगढ़ में सो रहा था। इसी दौरान उसके दोस्त की भतीजी ने सूचित किया कि दो लोग उसके चाचा के साथ झगड़ रहे हैं। जब शिकायतकर्ता बाहर आया, तो उसने देखा कि गौरव और प्रिंस मित्तल उसके दोस्त के साथ मारपीट कर रहे थे। जब उसने बीच-बचाव की कोशिश की, तो गौरव ने पिस्तौल निकालकर उस पर फायरिंग कर दी। गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया।

घटना के बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल पर भाग निकले। घायल व्यक्ति को उसके परिवार वालों ने तुरंत बहादुरगढ़ के ब्रह्म शक्ति संजीवनी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचाया। इसके बाद नजफगढ़ थाने में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच के दौरान हेड कांस्टेबल परमजीत को सूचना मिली कि आरोपी दीन दयाल अस्पताल आने वाला है। इसके बाद इंस्पेक्टर गुलशन यादव के नेतृत्व में एसआई चेतन, एसआई राजेश, एएसआई महेश त्यागी, एएसआई अशोक, हेड कांस्टेबल परमजीत, बद्री प्रसाद, अरविंद और हुकम की टीम गठित की गई। पूरी कार्रवाई एसीपी भगवती प्रसाद की निगरानी और डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा के निर्देशन में की गई।

पुलिस के अनुसार, गौरव ने नजफगढ़ के सरकारी स्कूल से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। किशोरावस्था में वह गलत लोगों के साथ आ गया और शराब की लत के चलते छोटे-मोटे अपराध करने लगा। बाद में उसने इलाके के बदमाशों के संपर्क में आकर अपराध की दुनिया में कदम रखा। वर्ष 2025 में आर्थिक परेशानी के कारण उसने सट्टा संचालकों और अवैध शराब कारोबारियों से रंगदारी वसूलने का काम शुरू किया। घटनाओं के बाद वह अपने परिवार को छोड़कर भाग गया था।