दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी रैकेट का खुलासा करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया पर नकली महिला प्रोफाइल बनाकर देशभर के लोगों को 'आध्यात्मिक उपचार' के बहाने ठग रहे थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर झूठे महिला अकाउंट बनाकर भावनात्मक रूप से कमजोर व्यक्तियों को अपना शिकार बनाया। यह समूह 'ऑल प्रॉब्लम सॉल्यूशंस' नाम से परिचालित हो रहा था, जो पूजा, तंत्र विद्या और अन्य आध्यात्मिक उपायों के नाम पर पैसे वसूलता था।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों के झूठे खातों से देशभर में 2000 से अधिक लोग जुड़े हुए थे। एक शिकायतकर्ता ने कहा कि उसे व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के नाम पर धोखा देकर 2.51 लाख रुपये की ठगी की गई।
पुलिस ने तकनीकी जांच, आईपी एड्रेस ट्रैकिंग और डिजिटल निशान के आधार पर आरोपियों को पंजाब के मोहाली में खरड़ से गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी एक फ्लैट में रहकर इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।
आरोपी 'जैनब खान', 'मुस्कान खान', 'कविता चौधरी' और 'जारा खान' जैसे नामों से फर्जी महिला प्रोफाइल बनाते थे। ये प्रोफाइल सोशल मीडिया पर लोगों की समस्याओं से संबंधित पोस्ट पर टिप्पणी कर खुद को आध्यात्मिक हीलर के रूप में प्रस्तुत करते थे।
इसके बाद पीड़ितों से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया जाता था और पूजा, तंत्र विद्या तथा अन्य धार्मिक उपायों के नाम पर क्रमबद्ध तरीके से धन मांगा जाता था।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान 21 वर्षीय गणेश और 21 वर्षीय मंदीप सिंह (श्रीगंगानगर, राजस्थान) के रूप में हुई है। दोनों की शैक्षणिक जानकारी भी सामने आई है; एक बीए का छात्र है और दूसरा आईटीआई डीजल मैकेनिक है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 स्मार्टफोन, नकली सोशल मीडिया खातों, चैट्स, क्यूआर कोड और अन्य डिजिटल प्रमाण एकत्र किए हैं। इन उपकरणों में धोखाधड़ी से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा मिला है।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और पीड़ितों की पहचान की जा रही है। साथ ही ठगी की कुल राशि और पूरे मनी ट्रेल का भी पता लगाया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर ऐसे फर्जी आध्यात्मिक दावों से सावधान रहने की आवश्यकता है, क्योंकि ये समूह भावनात्मक कमजोरी का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बनाते हैं।