नई दिल्ली, 24 मई। भले ही दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) का आईपीएल 2026 में एक और मैच बाकी है, लेकिन उनकी प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें खत्म हो चुकी हैं। अक्षर पटेल की कप्तानी में टीम अंतिम चार में जगह बनाने में असफल रही है। आइए जानते हैं वो 5 कारण जो दिल्ली कैपिटल्स के प्लेऑफ में जाने के सपने को तोड़ने के लिए जिम्मेदार रहे।
कुलदीप यादव का प्रदर्शन हुआ निराशाजनक: आईपीएल 2026 में कुलदीप यादव को दिल्ली कैपिटल्स का सबसे बड़ा अस्त्र माना जा रहा था। लेकिन इस पूरे सीजन में कुलदीप विकेट लेने के लिए तरसते रहे। 11 मैचों में उन्हें केवल 7 विकेट मिले और उनकी इकोनॉमी रेट 10.66 रही। इसका मतलब यह है कि उन्होंने बीच के ओवरों में न केवल विकेट नहीं लिए, बल्कि रन भी रोकने में असफल रहे।
ट्रिस्टन स्टब्स का प्रदर्शन रहा खराब: दिल्ली कैपिटल्स को ट्रिस्टन स्टब्स से इस सीजन काफी उम्मीदें थी। स्टब्स की खेल शैली उन्हें किसी भी मुकाबले की दिशा बदलने में सक्षम बनाती है। लेकिन इस बार वह रन बनाने में संघर्ष करते नजर आए। दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज का 13 मैचों में स्ट्राइक रेट केवल 127.90 रहा। उन्होंने 275 रन बनाए, लेकिन महत्वपूर्ण मौकों पर टीम को अकेला छोड़कर जल्दी पवेलियन लौट गए।
कप्तान अक्षर पटेल का खराब प्रदर्शन: दिल्ली कैपिटल्स के खराब प्रदर्शन में कप्तान अक्षर पटेल का निराशाजनक फॉर्म भी शामिल रहा। न तो उनके बल्ले से रन बने और न ही गेंदबाजी में वे कुछ खास कर पाए। 13 मैचों में उन्होंने 125 के स्ट्राइक रेट से 134 रन बनाए, जबकि गेंदबाजी में उन्होंने केवल 10 विकेट लिए।
मिडिल ऑर्डर में कमी नजर आई: इस सीजन दिल्ली कैपिटल्स का मिडिल ऑर्डर कमजोर साबित हुआ। जब टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया, तब ही टीम बड़ा स्कोर बनाने में सफल रही। लेकिन जब टॉप ऑर्डर विफल हुए, तो मिडिल ऑर्डर टीम की पारी को संभालने में असफल रहा। केवल डेविड मिलर कुछ मैचों में अच्छी फॉर्म में दिखे।
तेज गेंदबाजी का नहीं चला जादू: दिल्ली कैपिटल्स का तेज गेंदबाजी आक्रमण भी इस सीजन कमजोर दिखाई दिया। लुंगी एनगिडी ने कुछ मैचों में बेहतरीन गेंदबाजी की, लेकिन उन्हें समर्थन नहीं मिला। मिचेल स्टार्क की टीम में देर से एंट्री का खामियाजा डीसी को उठाना पड़ा। मुकेश कुमार उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, जबकि युवा गेंदबाज भी कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ सके।