नई दिल्ली, 24 मई। दिल्ली के प्रसिद्ध जिमखाना क्लब को केंद्र सरकार की ओर से बड़ा झटका लगा है। सरकार ने क्लब को 5 जून 2026 तक सफदरजंग रोड पर स्थित अपने परिसर को खाली करने का निर्देश दिया है, जबकि इसके पीछे सार्वजनिक उद्देश्य, रक्षा ढांचा और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे कारण बताए गए हैं। जानकारी के अनुसार, यह भूमि 1913 में लीज पर दी गई थी और वर्तमान इमारत का निर्माण 1930 में हुआ था। इस निर्णय के बाद क्लब के कर्मचारियों के लिए रोजगार का संकट उत्पन्न हो गया है। क्लब प्रशासन और कर्मचारियों के बीच अब अनिश्चितता का माहौल कायम हो गया है।
कर्मचारियों ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि सरकार के इस निर्णय ने उन्हें अचानक बेरोजगार कर दिया है।
क्लब में वेटर के तौर पर काम करने वाले रोहित बनर्जी ने बताया कि यहाँ 600 से ज्यादा लोग कार्यरत हैं और लगभग 3000 परिवार इस रोजगार पर निर्भर करते हैं। महामारी के दौरान हमारी आर्थिक स्थिति पहले ही बेहद खराब हो गई थी। अब सुरक्षा के आधार पर अचानक जगह खाली करवाई जा रही है, ऐसे में हमें कहाँ जाना है?
गणेश कुमार, जो पिछले 36 वर्षों से क्लब में काम कर रहे हैं, ने सरकार के निर्णय पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके बच्चों की शिक्षा और शादी जैसी जिम्मेदारियाँ इसी नौकरी पर आधारित हैं। अचानक नोटिस मिलने से भविष्य को लेकर चिंता और बढ़ गई है। उनकी उम्र में नौकरी पाना अत्यंत मुश्किल होगा।
अनिल कुमार, जो 2006 से क्लब में कार्यरत हैं, ने कहा कि इस निर्णय का सबसे बुरा असर कर्मचारियों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें आर्थिक और पारिवारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।