दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल और सिसोदिया की चुनाव लड़ने पर रोक संबंधी याचिका को खारिज किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल और सिसोदिया की चुनाव लड़ने पर रोक संबंधी याचिका को खारिज किया

नई दिल्ली, 20 मई। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को चुनाव में भाग लेने से अयोग्य ठहराने की मांग वाली जनहित याचिका को अस्वीकार कर दिया। यह याचिका सतीश कुमार अग्रवाल नाम के एक व्यक्ति द्वारा दायर की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि इन नेताओं ने दिल्ली आबकारी नीति से संबंधित मामलों की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया और सार्वजनिक टिप्पणियों के माध्यम से नकारात्मक वातावरण बनाने का प्रयास किया।

याचिकाकर्ता ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियाँ न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाली हैं।

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि दिल्ली हाईकोर्ट एक संवैधानिक संस्था है और किसी न्यायाधीश के खिलाफ कथित तौर पर दुष्प्रचार करना अदालत की साख को नुकसान पहुंचाने के समान है। अग्रवाल ने तर्क करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं का यह व्यवहार 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951' की धारा 29ए का उल्लंघन करता है, जिसके तहत राजनीतिक दलों को संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति निष्ठा का पालन करना आवश्यक है।

यह मामला उन मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है, जिसमें केजरीवाल, सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने जस्टिस शर्मा पर टिप्पणियाँ की थीं। ये बयान तब दिए गए थे जब जस्टिस शर्मा ने आबकारी नीति से संबंधित सुनवाई से खुद को अलग करने की याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

याचिकाकर्ता ने कोर्ट से अनुरोध किया कि चुनाव आयोग को आम आदमी पार्टी का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आदेश जारी किया जाए और इन नेताओं को भविष्य में चुनाव लड़ने से रोकने की याचिका भी प्रस्तुत की गई थी।

इस मामले की सुनवाई जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने बुधवार को की। सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिका में उठाए गए बिंदुओं पर ध्यान दिया, लेकिन अंततः इसे खारिज कर दिया।