दिलीप घोष का बयान- टीएमसी के सदस्य भाग गए

दिलीप घोष का बयान- टीएमसी के सदस्य भाग गए

कोलकाता, 24 मई। फाल्टा विधानसभा के उपचुनाव की मतगणना रविवार को निर्धारित है। पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि फाल्टा के परिणाम सबको ज्ञात हैं। संघर्ष की कोई स्थिती नहीं बनी। टीएमसी के सदस्य वहां से भाग निकले।

दिलीप घोष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कल केंद्र सरकार ने 51 हजार लोगों को रोजगार प्रदान किया, जिससे किसी को समस्या नहीं हुई। इसी तरह यहां भी पूर्ण पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाएगा।

टीएमसी को नगर निगम की ओर से भेजे गए नोटिस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि यह पार्टी अस्थायी है, और इसका कार्यालय भी अस्थायी है। जब पार्टी का अस्तित्व ही नहीं रहेगा, तो कार्यालय की आवश्यकता क्या रह जाएगी?

कोलकाता में एक काउंसलर की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि ऐसे हजारों काउंसलर हैं, जो लुटेरे और असामाजिक तत्व हैं। उन्हें सजा मिलनी चाहिए। जैसे-जैसे साक्ष्य सामने आएंगे, पुलिस कार्यवाही करेगी। कानून से कोई भी ऊपर नहीं है। बंगाल में लूटपाट का नेतृत्व इन्हीं लोगों ने किया है।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर दिलीप घोष ने कहा कि अन्य देशों में कीमतें काफी अधिक बढ़ी हैं। सरकार ने तेल कंपनियों को दाम नहीं बढ़ाने के लिए कहा था, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। मौजूदा स्थिति को देखते हुए ईंधन की कीमतों में थोड़ी वृद्धि होगी।

ज्ञात हो कि 21 मई को फाल्टा में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ था। 285 मतदान केंद्रों में से किसी भी स्थान पर कोई हिंसा, तनाव या चुनावी धांधली की रिपोर्ट नहीं मिली। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि शाम 5 बजे तक मतदान प्रतिशत 86.11 रहा, जो काफी उच्च है।

फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पुनः मतदान पूरी तरह से सुरक्षा के तहत कराया गया, जिसके लिए पूरे क्षेत्र में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 35 कंपनियां तैनात की गई थीं। यह किसी एक क्षेत्र के लिए काफी अधिक तैनाती मानी जाती है।

फाल्टा विधानसभा सीट के लिए पहले मतदान 29 अप्रैल को हुआ था। उस दिन चुनाव में व्यापक धांधली की शिकायतें मिलने के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने क्षेत्र में पुनः मतदान कराने का निर्देश दिया था।