निर्वाचन आयोग के द्वारा करवाए जा रहे एसआईआर यानि  विशेष गहन परीक्षण को लेकर बेहद दिलचस्प खबर सामने आ रही है । खबरों के मुताबिक चुनाव आयुक्त एसएस संधु को भी एसआई आर का नोटिस जारी किया गया है। यही नहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर औऱ विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री के मतदाता सूची में नाम पर सवाल उठाया गया है। यहां तक कि आयोग ने पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण अडवाणी की बेटी प्रतिभा अडवाणी, सांसद औऱ वकील कपिल सिब्बल की बहन और अभिषेक मनु सिंघवी तक को चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है


केजरीवाल को भी मिला नोटिस

बताया जा रहा है कि ऐसा अलग अलग मामलों में कहीं स्पेलिंग में बदलाव तो कहीं पुराने रिकॉर्ड से मैचिंग न होने की वजह से किया गया है। हाल ही में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल औऱ उनके परिजनों के नाम पर भी आयोग ने नोटिस जारी किया था।


दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता का मामला 

शनिवार (19 सितंबर) को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का नाम भी नोटिस जारी होने की खबर आई थी। जिसके बाद आयोग के अफसरों ने तुरंत जानकारी दी कि रेखा गुप्ता के नाम का सत्यापन कर लिया गया है। आयो के मुताबिक उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित रख लिया गया है। दिल्ली के शालीमार बाग के ईआरओ ने इस बात की तस्दीक करते हुए कहा कि गणना फॉर्म में दी गई जानकारी में तार्किक विसंगति पाए जाने के कारँण नोटिस जारी किया गया था।


आयोग पर पक्षपात का आरोप

चुनाव आयोग पर रेखा गुप्ता के नाम के आननफानन सत्यापन को लेकर सवाल खड़ा हो रहा है। आयोग से पूछा जा रहा है कि  त्वरित समाधान की यही प्रक्रिया आम मतदाताओं के साथ क्यों नहीं अपनाई जा रही है। खबरों के मुताबिक सिर्फ दिल्ली में ही 33 लाख मतदाताओं को एसआईआर के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। केजरीवाल औऱ उनके परिवार के मामले में उनके विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ के मुताबिक उनके दस्तावेजों का सत्यापन होना अभी बाकी है। केजरीवाल और उनके परिजनों के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाने की मंजूरी अभी तक नहीं मिल पाई है। वहीं कांग्रेस ने भी पक्षपातपूर्ण ढंग से मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग पर एक बार फिर हमला बोला है।