नई दिल्ली, 25 मई। पूर्वी दिल्ली की ऑटो चोरी रोधी इकाई (एएटीएस) ने मधु विहार क्षेत्र में चल रहे एक ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी रैकेट का पर्दाफाश किया है। दिल्ली पुलिस के द्वारा जारी की गई एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, लखनऊ सुपर जायंट्स और पंजाब किंग्स के बीच हुए आईपीएल मैच के दौरान तीन संदिग्धों को ऑनलाइन सट्टेबाजी करते हुए पकड़ा गया है।
आरोपियों के नाम मनीष जैन (50), अभिषेक जैन (26) और अर्पित गुप्ता (40) बताए गए हैं, जो क्रमशः मधु विहार, जगतपुरी और मंडावली ऊंचे पार के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, मनीष जैन अपने निवास से इस रैकेट का संचालन कर रहा था, जबकि अन्य दोनों उसकी सहायता कर रहे थे।
पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई आईपीएल मैचों के दौरान अवैध जुआ और सट्टेबाजी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक व्यापक अभियान का हिस्सा है।
पुलिस को आईपीएल मैचों के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी की गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर 23 मई को शाम लगभग 6 बजे मधु विहार में एक स्थान पर छापा मारा गया। छापेमारी के दौरान, तीसरे तल पर एक ड्राइंग रूम में तीन व्यक्तियों को लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन और हस्तलिखित सट्टेबाजी पर लिखे रिकॉर्ड के साथ देखा गया।
पुलिस ने बताया कि टैबलेट पर आईपीएल मैच की लाइव स्ट्रीमिंग चल रही थी और आरोपी फोन द्वारा सट्टेबाजों के साथ सट्टेबाजी गतिविधियों में संलग्न थे। जैसे ही पुलिस टीम ने उन पर कार्रवाई की, आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें तुरंत पकड़ लिया गया।
इस छापे में पुलिस ने दो लैपटॉप, दो सैमसंग टैबलेट, नौ मोबाइल फोन, एक नोटबुक जिसमें सट्टेबाजी प्रविष्टियों का रिकॉर्ड था, और अन्य संबंधित सामग्री बरामद की।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लाइव सट्टेबाजी के अवसरों को देखने और सट्टेबाजी खातों का प्रबंधन करने के लिए 'स्काई लाइव प्रो', 'डेटा कैलकुलेशन वर 1.0' और 'स्काईएक्सच' जैसे एप्लिकेशन और सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे थे।
जांचकर्ताओं ने यह निष्कर्ष निकाला कि आरोपी लैपटॉप, टैबलेट और कई मोबाइल फोन का प्रयोग करते हुए सट्टेबाजी की दरों पर बातचीत कर रहे थे, दांव स्वीकार कर रहे थे और सट्टेबाजी लेनदेन के रिकॉर्ड रख रहे थे। पुलिस ने कहा कि आगे की जांच जारी है ताकि व्यापक नेटवर्क की पहचान और वित्तीय लेनदेन की जांच की जा सके तथा ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े अन्य व्यक्तियों का पता लगाया जा सके।