देहरादून में, 24 मई को पुलिस ने एसएसपी के नेतृत्व में एक बड़े भूमि धोखाधड़ी रैकेट पर कार्रवाई करते हुए वार्ड नंबर 56 (धर्मपुर) के पार्षद अमित भंडारी, जिन्हें दीपू के नाम से भी जाना जाता है, को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी भूमि माफिया के विस्तृत नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पुलिस ने बताया कि इससे पहले इस रैकेट के मुख्य आरोपी प्रदीप सकलानी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रदीप की पूछताछ के दौरान कई अन्य संदिग्धों के नाम सामने आए, जिसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने संदिग्ध व्यक्तियों से गहन पूछताछ की। इस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
आरोपियों ने एक बुजुर्ग महिला, जो महाराष्ट्र की रहने वाली है, की बहुमूल्य भूमि पर अवैध कब्जा करने के लिए जाली दस्तावेज तैयार किए। महिला के दोनों बेटों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए गए और जमीन को तीन विभिन्न व्यक्तियों को बेच दिया गया। इस धोखाधड़ी में पार्षद अमित भंडारी की भागीदारी भी सामने आई है। मामला संख्या 82/26 के तहत जब पुख्ता सबूत मिले, तब पार्षद अमित भंडारी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने अन्य संदिग्धों, जैसे हेम भट्ट, को फिलहाल सबूतों की कमी के कारण उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
एसएसपी देहरादून ने इस मामले को गंभीरता से लिया और एक विशेष टीम बनाई, जो लगातार जांच कर रही थी। प्रदीप सकलानी मुख्य आरोपी है और पुलिस जल्द ही उसका पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) लेकर आगे की जांच प्रारंभ करेगी। रिमांड के दौरान जाली दस्तावेज तैयार करने वाले अन्य व्यक्तियों, बिचौलियों, और लाभार्थियों के नाम भी सामने आने की संभावना है।
पुलिस के सूत्रों के अनुसार, यह रैकेट लंबे समय से देहरादून में भूमि धोखाधड़ी के मामलों में सक्रिय था। आरोपी लोग धोखाधड़ी वाले दस्तावेजों, नकली वसीयतों और मृत्यु प्रमाण पत्रों के जरिए भोले-भाले लोगों की संपत्ति का हड़पने का काम कर रहे थे। महाराष्ट्र की बुजुर्ग महिला इस साजिश का शिकार बनीं।
जांच का कार्य अभी जारी है और अगर कोई अन्य आरोपी सामने आता है, तो उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस शहर में भूमि संबंधी धोखाधड़ी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाएगी।