डॉ. सस्मित पात्रा ने केंद्र सरकार से की ब्रह्मपुर हवाई अड्डे के विकास में तेजी लाने की अपील

डॉ. सस्मित पात्रा ने केंद्र सरकार से की ब्रह्मपुर हवाई अड्डे के विकास में तेजी लाने की अपील

नई दिल्ली/भुवनेश्वर, 19 मई (आईएएनएस)। ओडिशा के राज्यसभा सदस्य डॉ. सस्मित पात्रा ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से आग्रह किया है कि दक्षिणी ओडिशा के गंजाम जिले में स्थित रंगेलूंदा हवाई पट्टी को पूर्ण विकसित वाणिज्यिक हवाई अड्डे में जल्दी से जल्दी बदल दिया जाए। इसे “ब्रह्मपुर हवाई अड्डा” नाम दिया जाएगा। डॉ. पात्रा ने मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने कहा है कि ब्रह्मपुर हवाई अड्डा दक्षिणी ओडिशा के लोगों की कई वर्षों से चली आ रही मांग है। यह क्षेत्र के संतुलित विकास, आर्थिक उन्नति और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बेहद जरूरी है। डॉ. पात्रा ने बताया कि गंजाम, गजपति, कंधमाल, कोरापुट, रायगड़ा और मलकानगिरी समेत दक्षिणी ओडिशा के कई जिले आर्थिक, शैक्षिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, लेकिन विमानन सुविधाओं के मामले में अभी भी काफी पिछड़े हुए हैं। ब्रह्मपुर दक्षिणी ओडिशा का प्रमुख वाणिज्यिक और शैक्षिक केंद्र है। यह क्षेत्र न सिर्फ ओडिशा के दक्षिणी जिलों बल्कि पड़ोसी आंध्र प्रदेश की बड़ी आबादी को भी सेवा दे सकता है। डॉ. पात्रा ने अपने ज्ञापन में इस मुद्दे पर अपने पिछले कई प्रयासों का जिक्र किया है। उन्होंने कई बार संसद में इस विषय को उठाया है। फरवरी 2025 में उन्होंने रंगैलुंडा में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे बनाने का सवाल पूछा था। मार्च 2025 में ओडिशा की विमानन परियोजनाओं को तेज करने की मांग की थी। दिसंबर 2025 में शून्यकाल के दौरान उन्होंने रंगेलूंदा को पूर्ण हवाई अड्डे में बदलने की जोरदार वकालत की। फरवरी 2026 में भी उन्होंने राज्यसभा में इस मुद्दे पर सवाल उठाया, जिस पर सरकार ने स्वीकार किया कि रंगेलूंदा को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस) उड़ानों के लिए विकसित किया जाएगा। डॉ. पात्रा ने कहा कि पूर्ण विकसित ब्रह्मपुर हवाई अड्डा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, गोपालपुर और तटीय ओडिशा के पर्यटन को बढ़ावा देगा, समुद्री भोजन, कृषि और छोटे उद्योगों के निर्यात में मदद करेगा और औद्योगिक निवेश को आकर्षित करेगा। इसके अलावा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, मेडिकल इवैक्यूएशन और चक्रवात जैसी आपदाओं के समय बेहतर राहत कार्य भी संभव हो पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के उद्देश्यों से पूरी तरह मेल खाती है, जिसका लक्ष्य भी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाना है।