Bhadohi Renamed News : कालीन निर्माण के लिए दुनियाभर में मशहूर उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की पहचान में अब एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही दौरे के दौरान जिले के नाम में संशोधन का आधिकारिक ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यह जनपदीय क्षेत्र संत रविदास नगर भदोही नाम से पहचाना जाएगा। सीएम ने कहा कि महान मध्यकालीन संत सद्गुरु रविदास जी ने अपनी भक्ति और ज्ञान से समाज को जोड़ने का संदेश दिया था और अब यह धरती उन्हीं के नाम को गौरवान्वित करेगी।

विरासत संवर्धन और 112 परियोजनाओं का तोहफा

जनपद में आयोजित विशेष समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 1340 करोड़ से अधिक की लागत वाली 112 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने पूर्ववर्ती शासन व्यवस्थाओं की आलोचना करते हुए कहा कि 2017 से पहले राज्य का राजस्व जनहित के बजाय फिजूलखर्ची और कब्जा करने की राजनीति में बर्बाद होता था। वर्तमान सरकार ने भ्रष्टाचार और अपराध तंत्र को समाप्त कर प्रदेश को सुरक्षित माहौल दिया है, जिससे आज धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों का तेजी से विकास हो रहा है।

ग्लोबल मार्केट में भदोही का दबदबा, 6100 करोड़ पहुंचा निर्यात

स्थानीय अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल ने भदोही के कालीन व्यापार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। वर्तमान में संत रविदास नगर और सिल्क क्लस्टर के माध्यम से सालाना 6100 करोड़ का सामान विदेशों में भेजा जा रहा है। इसका सीधा आर्थिक लाभ क्षेत्र के बुनकरों और छोटे कारीगरों तक पहुंच रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कार्पेट टेक्नोलॉजी (IICT) के जरिए स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही लखनऊ-हरदोई क्षेत्र में 1000 एकड़ में आकार ले रहा पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क इस पूरे उद्योग को नया विस्तार देगा।

युवाओं के लिए हर जिले में बनेगा सरदार पटेल इंडस्ट्रियल जोन

प्रदेश के औद्योगिक भविष्य का खाका खींचते हुए सीएम योगी ने कहा कि सरकार हर जिले में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन गठित करने जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुसार युवाओं को ट्रेनिंग देना है, ताकि प्रदेश के युवाओं को उनके अपने जिले में ही सम्मानजनक रोजगार मिल सके।