'गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को ननिहाल-ददिहाल जरूर ले जाएं', सीएम योगी की अभिभावकों से अपील

'गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को ननिहाल-ददिहाल जरूर ले जाएं', सीएम योगी की अभिभावकों से अपील

लखनऊ, 25 मई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों और उनके माता-पिता के लिए एक पत्र लिखा है। इस पत्र में सीएम योगी ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे बच्चों को गर्मियों की छुट्टियों में ननिहाल-ददिहाल जरूर ले जाएं और साथ में प्रकृति से भी जोड़ने का प्रयास करें।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, "गर्मियों की छुट्टियां आपके लिए खुशी, उत्साह और नई खोज का समय होती हैं। जब स्कूल का व्यस्त शेड्यूल खत्म होता है, तो बच्चे नए अनुभवों की खोज में उत्सुक हो जाते हैं। यह मौका है अपनी रुचियों को पहचानने का, नई आदतें अपनाने का और ऐसे अनुभव प्राप्त करने का, जो आपके विकास में सहायक हों। किशोर और युवा इन छुट्टियों में नई भाषाएँ या कौशल विकसित कर सकते हैं। इस समय को पढ़ाई, फोटोग्राफी, कला, कुकिंग, संगीत और बागवानी जैसी रुचियों को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।"

मुख्यमंत्री ने पत्र में आगे लिखा, "प्रिय अभिभावकों, मैं आपसे कुछ बातें साझा करना चाहता हूं। हममें से कई लोगों ने अपने बचपन में दादा-दादी या नाना-नानी से कहानियाँ सुनी हैं। लेकिन आज के बच्चे इन अनुभवों से दूर होते जा रहे हैं। मैं आपसे निवेदन करता हूं कि इस छुट्टी में बच्चों को ननिहाल-ददिहाल जरूर ले जाएं। उन्हें परिवार के साथ समय बिताने दें, ताकि वे अपने संस्कारों और परंपराओं से परिचित हो सकें।"

सीएम योगी ने अभिभावकों से अनुरोध किया कि गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का भी प्रयास करें। उनके साथ पौधे लगाएं, उनकी देखभाल करने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपें और स्वच्छता बनाए रखने की आदत विकसित करें। जब बच्चे मिट्टी, वृक्ष और जल के महत्व को समझते हैं, तो उनमें पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती है। याद रखें, जिस वृक्ष की जड़ें मजबूत होती हैं, वही फलदायी और दीर्घजीवी होता है, और हमारी संस्कृति और संस्कार भी ऐसी ही जड़ें होते हैं।"

सीएम ने बच्चों को घूमने-फिरने की महत्वता पर जोर दिया। उन्होंने लिखा, "घूमना-फिरना जीवन को समझने का एक सशक्त माध्यम है। बच्चों को ऐसे स्थलों पर ले जाएँ, जहाँ वे प्रकृति और जैव विविधता का अनुभव कर सकें। दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, चूका बीच और कतर्निया घाट वन्यजीव विहार जैसे स्थान प्रकृति की अद्भुत सुंदरता से अवगत कराते हैं और यात्रा को अविस्मरणीय बना देते हैं। यदि इस दौरान बच्चों को प्रकृति, संस्कृति और स्वास्थ्य से जोड़ने का प्रयास किया जाए, तो यह उनके जीवन की अमूल्य पूंजी बन जाएगा।"

योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, "मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि इन छुट्टियों को प्लास्टिक रहित बनाने का संकल्प लें। चाहे यात्रा हो या पिकनिक, कपड़े या जूट के थैले का उपयोग करें, प्लास्टिक कचरा न फैलाएं और बच्चों को भी स्वच्छ और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दें। छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में बड़े बदलाव का कारण बनते हैं।"