CJP Upcoming Jantar Mantar Protest News : देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक संग्राम और तेज हो गया है। मुंबई में शक्ति प्रदर्शन के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर फिर बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है। सीजेपी ने आज पुलिस को चेतावनी दी कि उन्हें प्रदर्शन स्थल तक जाने से रोका गया तो वे बिना झुके रास्ते में ही धरने पर बैठ जाएंगे। सोशल मीडिया पर जारी बयान में सीजेपी ने कहा कि अगर CEC ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया तो 10 अक्टूबर को देशभर से पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक जंतर-मंतर की ओर कूच करेंगे। चेतावनी दी कि अगर दिल्ली पुलिस हमें रास्ते में कहीं भी रोकती है तो वही जगह हमारा जंतर-मंतर बन जाएगी। निष्पक्ष चुनावों और लोकतंत्र को बचाने की इस लड़ाई में हमारा मार्ग पूरी तरह अहिंसक और महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर आधारित होगा। गौरतलब है कि इससे पहले भी सीजेपी ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जंतर-मंतर पर तब तक मोर्चा संभाले रखा था, जब तक उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र नहीं दे दिया था।
विपक्ष और छात्र संगठनों का हल्लाबोल
गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले। दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ और पटना जैसे प्रमुख शहरों में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। दिल्ली की सड़कों पर उतरी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी। इसके तहत 700 से अधिक लोगों को डिटेन किया गया। वहीं, मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में भी सीजेपी के आह्वान पर हजारों लोग जुटे।
जुलाई की घटना से सबक
20 और 22 जुलाई के संसद मार्च के दौरान हुई रणनीतिक चूक से सबक लेते हुए इस बार दिल्ली पुलिस बेहद चौकस नजर आ रही। शुक्रवार (2 अक्टूबर) को पुलिस-प्रशासन ने जंतर-मंतर ही नहीं, बल्कि लुटियंस दिल्ली की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों को सील कर दिया था। सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली मेट्रो के 11 महत्वपूर्ण स्टेशनों के द्वार बंद रखे गए। हर आने-जाने वाले से कड़ी पूछताछ की गई। सुरक्षा एजेंसियों की इस अग्रिम किलेबंदी के कारण प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच सके और पुलिस से उनका टकराव मुख्य सड़कों पर ही हो गया। पुलिस-प्रशासन 10 अक्टूबर को होने वाले विरोध को लेकर भी सतर्क है।