चित्तौड़गढ़: युवक ने आत्महत्या का प्रयास किया, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ा मामला

चित्तौड़गढ़: युवक ने आत्महत्या का प्रयास किया, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ा मामला

चित्तौड़गढ़, 24 मई। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक बीटेक छात्र द्वारा आत्महत्या का प्रयास किया गया है। इस छात्र की पहचान प्रियांशु विश्वास, जिसे राज के नाम से भी जाना जाता है, के रूप में की गई है, जो उदयपुर के टेक्नो इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक के तीसरे वर्ष का छात्र है।

प्रियांशु को कुछ धन की आवश्यकता थी, जो उसकी मां द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया। नाराज होकर उसने बाथरूम में रखे टॉयलेट क्लीनर का सेवन कर लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। इस समय, चिकित्सकों की देखरेख में उसका उपचार जारी है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

छात्र के परिवार के सदस्यों के अनुसार, चंदेरिया थाना क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले 20 वर्षीय प्रियांशु पहले ऑनलाइन गेमिंग का शौक रखते थे, लेकिन लगभग एक साल पहले उन्होंने इसे छोड़ दिया था। हाल ही में, परिवार ने उसे बाइक और लैपटॉप दिए थे, लेकिन उन पर ऑनलाइन लेन-देन और कर्ज का बोझ भी बढ़ गया जिससे ये वस्तुएं उसके हाथ से निकल गईं।

परिवार का कहना है कि हाल के समय में वह फिर से ऑनलाइन गेमिंग में लिप्त हो गया था और इस बात की आशंका है कि वह किसी ऑनलाइन सट्टे और सूदखोरी के नेटवर्क के संपर्क में आया था, जहां वह ऊंचे ब्याज पर पैसे लेकर गेमिंग में लगाता था।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार और शनिवार की सुबह उसने अपनी मां से 65 हजार रुपए की मांग की थी। परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण जब राशि नहीं मिली तो उसने गुस्से में आकर टॉयलेट क्लीनर पी लिया। घटना के बाद परिजन उसे तुरंत जिला चिकित्सालय श्री सांवलियाजी ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति अब स्थिर है।

प्रियांशु के पिता, प्रशांत विश्वास ने आरोप लगाया है कि उन्होंने इस मामले को लेकर चंदेरिया थाना और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उनकी रिपोर्ट नहीं ली गई। अब परिवार इस मामले की शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक से करने का निर्णय ले रहा है।

यह घटना केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में उभरती हुई एक गंभीर सामाजिक समस्या को उजागर करती है। चित्तौड़गढ़ में बड़ी संख्या में युवा ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और त्वरित धन कमाने के लालच में पड़ रहे हैं। कई मामलों में युवाओं द्वारा भारी कर्ज के चलते परिवारों पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है।