छत्तीसगढ़ में सहकारी समिति के गोदाम से 246 मीट्रिक टन उर्वरक की चोरी, सीएम ने दी सख्त सज़ा की चेतावनी

छत्तीसगढ़ में सहकारी समिति के गोदाम से 246 मीट्रिक टन उर्वरक की चोरी, सीएम ने दी सख्त सज़ा की चेतावनी

रायपुर, 22 मई। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में किसानों के लिए आए उर्वरक की कालाबाजारी और बड़े घोटाले के मामले के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जब ग्रामीणों ने जनसमस्या निवारण शिविर में शिकायत की, इसके बाद यह मामला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ध्यान में आया, जिससे पूरे प्रकरण ने गंभीर मोड़ ले लिया। जांच के दौरान लाखों रुपये की खाद के गायब होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद सहकारी समिति के प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है।

पूर्ण मामला बैकुण्ठपुर थाना क्षेत्र के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित से संबंधित है। ग्रामीण रामप्रताप साहू ने जनसमस्या निवारण शिविर में यह शिकायत की थी कि किसानों को उपलब्ध कराई जाने वाली रासायनिक खाद को बिचौलियों के माध्यम से बहुत कम कीमत पर बेचा जा रहा है। इसके अलावा, शिकायत में यह भी कहा गया कि किसानों को आवश्यक समय पर खाद नहीं मिल पा रही थी, जिससे उनकी खेती प्रभावित हो रही थी और उन्हें काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, 13 मई को कृषि, सहकारिता और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने समिति के गोदाम का भौतिक सत्यापन किया। जाँच के दौरान अनपेक्षित तथ्य सामने आए। ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार गोदाम में 431.55 मीट्रिक टन उर्वरक दर्ज था, जबकि मौके पर केवल 184.80 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध थी। इस तरह से कुल 246.75 मीट्रिक टन उर्वरक गायब पाया गया, जिसकी कीमत लगभग 68 लाख रुपये आंकी गई है।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, समिति को यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी जैसे उर्वरक किसानों को वितरण के लिए दिए गए थे। यह आरोप है कि इन उर्वरकों को किसानों तक पहुँचाने के बजाय बिचौलियों को गैरकानूनी तरीके से बेच दिया गया।

प्रशासनिक जांच के बाद पहले समिति के प्रबंधक अखिलचंद सिंह को निलंबित किया गया, लेकिन जब मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लिया, तो कार्रवाई में तेजी आई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर बैकुणठपुर थाने में अखिलचंद सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी है और गायब खाद की खोज में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी भी चल रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसानों के अधिकारों पर अतिक्रमण करने वालों को किसी भी स्थिति में नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने बताया कि रात में एक स्थान से 350 बोरी खाद भी जब्त की गई है और उस मामले में भी कार्रवाई की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसे सरकार कठोर दंड देगी।

इसी बीच, सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम कमरौद भी गए। तेज 43 डिग्री तापमान के बीच, मुख्यमंत्री ने बरगद के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। इस मौके पर उनके साथ मुख्य सचिव और कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।