नई दिल्ली, 24 मई। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा देशभर के परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के साथ आयोजित की जा रही है। रविवार सुबह से ही परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे, जहां उनकी सुरक्षा जांच की गई। परीक्षा के सुचारु और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, जैमर और गहन जांच की व्यवस्था की गई थी। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 21 केंद्रों पर 6,652 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा के लिए बड़ी संख्या में उम्मीदवार दिल्ली के पुष्प विहार सेक्टर 3 के केंद्रीय विद्यालय में एकत्रित हुए। वहां पहुंचे एक अभिभावक मुरली मनोहर सिंह ने कहा, "हमारा अनुमान है कि लगभग 8 से 9 लाख विद्यार्थी परीक्षा में भाग ले रहे हैं, जिनमें से लगभग 15,000 प्रारंभिक परीक्षा पास कर पाते हैं। इसका मतलब है कि लगभग 98.5 फीसदी परीक्षार्थी अस्वीकृत हो जाते हैं, इसलिए ये परीक्षा चयन के बारे में नहीं बल्कि अस्वीकृति के बारे में ज्यादा है।"
हरियाणा के रोहतक से परीक्षा देने आए नितिन ने कहा, "यह मेरी पहली परीक्षा है, इसलिए मैं थोड़ा चिंतित हूं। मुझे लगता है कि मेरी तैयारी पूरी नहीं है।" रजत ने कहा, "मैं दूसरी बार परीक्षा दे रहा हूं। नौकरी के साथ तैयारी की है। अब परीक्षा के बाद ही पता चलेगा कि मेरी तैयारी कैसी रही।" वहीं, उम्मीदवार आलोक ने कहा, "तैयारी की कोई निश्चित सीमा नहीं होती, हम निरंतर प्रयास करते रहते हैं। यह मेरा तीसरा प्रयास है।"
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में परीक्षा केंद्र पहुंचने वाले एक उम्मीदवार ने कहा, "यह 2026 की प्रारंभिक परीक्षा है और मेरी तैयारियां अच्छी हैं। मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं और हमारी परीक्षा चल रही है।" एक अन्य युवा ने कहा, "केंद्र पर व्यवस्थाएं सही ढंग से की गई हैं। उम्मीदवारों को प्रवेश देने से पहले बायोमेट्रिक्स और रेटिना स्कैन की जांच की जा रही है।"