औगाडूडू, 24 मई। केंद्रीय अफ्रीकी राष्ट्र बुर्किना फासो ने इबोला वायरस संक्रमण से बचाव के लिए अपनी सुरक्षा रणनीतिकाओं को और अधिक प्रभावी बना दिया है। स्वास्थ्य अधिकारी बताते हैं कि यहां अब तक इस बीमारी का कोई मामला नहीं आया है। बुर्किना फासो के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि खासकर देश के सीमाओं पर इबोला के संभावित खतरे के मद्देनजर महामारी संबंधी निगरानी को सुदृढ़ किया गया है। सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को चौकस रखा गया है ताकि संदिग्ध मामलों की पहचान तुरंत की जा सके। इसके अलावा, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं की क्षमताओं को बढ़ाया गया है और त्वरित जांच के लिए मोबाइल लैब्स स्थापित की जा रही हैं।
सरकार ने आइसोलेशन सेंटर और उपचार सुविधाओं की तैयारी को भी तेज कर दिया है और आपातकालीन स्वास्थ्य प्रतिक्रिया संचालन केंद्र को सक्रिय कर दिया गया है। हालाँकि, देश में अभी तक इबोला का कोई मामला नहीं पाया गया है।
अफ्रीका में इबोला के बढ़ते जोखिम के बीच, भारत ने अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन को आवश्यक चिकित्सा सामग्री और सुरक्षा किट की पहली खेप भेजी है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत इस सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट में अफ्रीका के साथ खड़ा है। सरकार ने भारतीय नागरिकों को कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में रहते या यात्रा करते समय स्थानीय स्वास्थ्य अनुशासनों का पालन करने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस स्थिति को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) घोषित किया है।