बुलंदशहर में एक व्यक्ति के नाम पर चार वोटर कार्ड, सपा ने धांधली का लगाया आरोप

बुलंदशहर में एक व्यक्ति के नाम पर चार वोटर कार्ड, सपा ने धांधली का लगाया आरोप

बुलंदशहर, 23 मई। समाजवादी पार्टी (सपा) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में धांधली का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि बुलंदशहर जनपद में वोटर लिस्ट में बड़ी संख्या में फर्जी मतदाता शामिल हैं। जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में हजारों फर्जी वोट की पहचान की गई है, जहां एक ही व्यक्ति के नाम पर चार-चार वोटर कार्ड बने हुए हैं।

सपा के जिलाध्यक्ष मतलूब अली और प्रदेश सचिव गजराज सिंह नागर ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में निर्वाचन आयोग, जिला प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि जिले में 21 से 22 हजार फर्जी वोटर पाए गए हैं।

मतलूब अली ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "शिकारपुर विधानसभा के बूथ नंबर 179, क्रमांक 428 पर राहुल कुमार (29 वर्ष), पिता राजेंद्र सिंह, निवासी हाउस नंबर 72 नामांकित हैं। इसी तरह, बूथ नंबर 332, 347 और 381 पर भी यही नाम, पिता का नाम और उम्र मौजूद है। यह मात्र संयोग नहीं हो सकता।"

उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में 20 से 25 हजार तक डुप्लीकेट वोटर एंट्री मिल चुकी हैं। एसआईआर के दौरान निर्वाचन आयोग ने पारदर्शिता की बात की थी, लेकिन हकीकत इसके विपरीत रही है।

प्रदेश सचिव गजराज सिंह नागर ने कहा, "यह समस्या सिर्फ बुलंदशहर में नहीं है, बल्कि पूरे राज्य की हर विधानसभा में ऐसी अनियमितताएँ देखने को मिल रही हैं। हमारी टीम हर जगह सक्रिय है। इस बार हम वोटर लिस्ट का पूर्ण पर्दाफाश करेंगे और एक-एक फर्जी वोट को ठीक करने से पहले हम चुप नहीं बैठेंगे।"

नागर ने और भी जानकारी दी कि बुलंदशहर की हर विधानसभा में औसतन 21-22 हजार फर्जी वोटों की संख्या सामने आ रही है। वे अगले 3-4 दिनों में विधानसभा-वार विस्तृत आंकड़े भी साझा करेंगे।

सपा के नेताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर फर्जी वोटर लिस्ट का पीडीएफ भेजने का निर्णय लिया है। मतलूब अली ने कहा, "अगर गड़बड़ियों को सुधार नहीं किया गया, तो हम अपने ब्लॉक अध्यक्षों, विधानसभा प्रभारियों और बीएलए के साथ बूथ स्तर पर जांच करेंगे। जहां भी धांधली मिलेगी, वहां बीएलओ और सुपरवाइजर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।"

सपा ने कहा कि वोटर लिस्ट में फर्जी नाम शामिल करके लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। वे इस मुद्दे को लगातार उठाते रहेंगे और निर्वाचन आयोग के समक्ष इसे रखेंगे।