नई दिल्ली, 20 मई। सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने संकट के समय में रूस से कच्चे तेल की खरीद को बढ़ा दिया है। वर्तमान में, कंपनी के कुल आयात में रूसी कच्चे तेल की हिस्सेदारी लगभग 41 प्रतिशत हो गई है, जो वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में 31 प्रतिशत थी। यह जानकारी कंपनी के वित्त निदेशक वीआरके गुप्ता ने बुधवार को साझा की। गुप्ता के अनुसार, मध्य पूर्व में तनाव के कारण कंपनी ने विभिन्न स्रोतों से खासकर रूस से कच्चे तेल की खरीद को बढ़ाया है।
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में (अक्टूबर से दिसंबर 2025) कंपनी के आयात में रूसी कच्चे तेल की हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत थी। चौथी तिमाही के परिणामों पर हुई कॉन्फ्रेंस कॉल में गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष आठ नए ग्रेड के कच्चे तेल को शामिल किया गया है, जो चार अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों को कवर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई 2026 तक कच्चे तेल की आपूर्ति की पूरी व्यवस्था कर ली गई है।
गुप्ता ने आगे बताया कि कंपनी रूस के अलावा अमेरिका और वेनेजुएला से भी कच्चे तेल की खरीद कर रही है। इसके साथ ही, कंपनी ने वित्त वर्ष 27 के लिए 25,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का लक्ष्य रखा है, जो कि पिछले वित्त वर्ष में 20,400 करोड़ रुपये से अधिक है।
बीपीसीएल ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही के परिणाम भी घोषित किए। मार्च तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड लाभ सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़कर 5,624.54 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 4,391.83 करोड़ रुपये था। हालांकि, कंपनी के लाभ में क्रमिक आधार पर 22 प्रतिशत की गिरावट आई, जो वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 7,188.40 करोड़ रुपये था।