लखनऊ, 22 मई। कांग्रेस के अजय राय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अभद्र भाषा के प्रयोग ने राजनीतिक वातावरण को काफी गर्म कर दिया है। इस संदर्भ में बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया गया है। उत्तर प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर ने इस टिप्पणी की खुलकर आलोचना करते हुए कहा, "सरकार को ऐसे लोगों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल में डाल देना चाहिए। ये सामाजिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं और इन्हें किसी प्रकार की छूट नहीं मिलनी चाहिए। हर चीज की एक सीमा होती है - चाहे वह प्रतिवाद हो, विरोध हो या अपने विचारों की अभिव्यक्ति हो। लोगों को बोलने का अधिकार है, लेकिन इसके भी निर्धारित सीमाएँ होती हैं। हालांकि, भाषा का अपमानजनक होना और ऐसी टिप्पणियाँ करना कभी भी सहन नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं, इस मामले में भाजपा विधायक कैलाश राजपूत ने कांग्रेस पर हमला बोला और कहा, "इससे पहले, राहुल गांधी अपने क्षेत्र का दौरा कर रहे थे, जहां उन्होंने भी प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। कांग्रेस नेताओं की समझ में कमी आ गई है।
उन्होंने यह भी कहा, "शुरुआत में पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ही देश के प्रधानमंत्री रहे थे। ये लोग इसी मानसिकता के साथ बड़े हुए हैं कि प्रधानमंत्री का पद उनके परिवार के लिए ही है। इसलिए, जब राहुल गांधी का मानसिक संतुलन बिगड़ा, तो उनकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने भी अपमानजनक भाषा का सहारा लिया। मैं उन्हें चेतावनी देता हूं कि यदि वे इसी तरह का बर्ताव जारी रखते हैं, तो उत्तर प्रदेश का जनता राहुल को यहाँ प्रवेश नहीं करने देगी और अजय राय को जल्द ही इसके परिणाम का सामना करना पड़ेगा।
बीजेपी नेता गौरव वल्लभ ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "कोई भी विपक्षी दल का नेता, यहां तक कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस का कोई भी छोटा नेता भी, देश के प्रधानमंत्री के लिए इस तरह के अभद्र और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग नहीं कर सकता। मैं अजय राय से यह पूछता हूं कि क्या प्रियंका गांधी या राहुल गांधी ने उनसे ये शब्द कहने के लिए प्रेरित किया था? और यदि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इस पर चुप रहते हैं, तो हम यही समझेंगे कि यह उनके द्वारा लिखी गई स्क्रिप्ट है।"