मोतिहारी, 23 मई। बिहार में पिछले एक दशक से शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध है, फिर भी प्रतिदिन कहीं से शराब मिलने की खबरें आती रहती हैं। तस्कर पुलिस के जाल में आते हैं, लेकिन वे अपनी गैरकानूनी गतिविधियों से नहीं थकते। शराब पीने और उसे बेचने वाले भी बार-बार पकड़े जाते हैं, परंतु पुलिस के प्रयासों के बावजूद इन कारोबारियों के इरादों पर असर नहीं पड़ रहा। बिहार में शराब पर राजनीतिक चर्चाएँ भी होती रही हैं।
हाल ही में, बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की और विदेशी शराब की एक बड़ी खेप बरामद की। पुलिस ने 250 कार्टन में छिपी हुई विभिन्न ब्रांडों की कुल 2160 लीटर विदेशी शराब जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 60 लाख रुपये है।
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, गांव के बांस के जंगल में बड़ी मात्रा में विदेशी शराब छिपाई गई थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की और शराब जब्त की।
थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार पांडेय ने बताया कि मामले में शामिल व्यक्तियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
जानकारी के अनुसार, अन्य राज्यों से बिहार में शराब लाई जा रही है और उसे गुप्त रूप से बेचा जा रहा है, यहां तक कि शराब की होम डिलीवरी भी की जा रही है। इसी कड़ी में पूर्वी चंपारण में बड़ी मात्रा में शराब जब्त की गई है।
गौरतलब है कि इस वर्ष अप्रैल में बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रघुनाथपुर और तुरकौलिया क्षेत्रों में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की दुखद मौत हो गई थी। इस गंभीर घटना के मद्देनजर, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने लापरवाही बरतने के आरोप में 14 मद्यनिषेध पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया है, जिसमें तीन निरीक्षक, चार अवर निरीक्षक और सात सहायक अवर निरीक्षक शामिल हैं।