बिहार लौटने पर खुश शोएब खान, टी20 वर्ल्ड कप में यूएई का प्रतिनिधित्व

बिहार लौटने पर खुश शोएब खान, टी20 वर्ल्ड कप में यूएई का प्रतिनिधित्व

गया, 24 मई। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में यूएई का प्रतिनिधित्व करने वाले बल्लेबाज शोएब खान ने रविवार को बिहार में वापसी की, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। भारत लौटकर शोएब की खुशी का कोई ठिकाना नहीं। उनका मानना है कि अपने सपनों को सच करने के लिए कठिन परिश्रम आवश्यक है।

शोएब का जन्म 5 जून 1998 को गया में हुआ। घर लौटने के बाद उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा, "मैं अपने घर लौटकर बेहद प्रसन्न हूं। मैं पिछले 8 महीनों से क्रिकेट में व्यस्त था। अपनी जन्मभूमि पर वापस आना बहुत सुखद है। लोग जो मेरा स्वागत करने आए हैं, यह मेरे लिए किसी सपने जैसा है।"

युवाओं के लिए प्रेरणा देते हुए शोएब ने कहा, "मैं सभी युवाओं से कहना चाहता हूं कि अपने लक्ष्यों को पाने के लिए हर दिन 200 प्रतिशत मेहनत करनी होगी। इसके साथ ही, पढ़ाई पर भी ध्यान देना जरूरी है। भारत में क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक है, इसलिए किसी बैकअप योजना का होना आवश्यक है। हमेशा अपने लक्ष्यों के लिए संघर्ष करते रहो।"

अपने संघर्ष के बारे में शोएब ने बताया, "मैंने जिंदगी में कई मुश्किलें देखी हैं। यहाँ क्रिकेट की सुविधाएं सीमित थीं। मैंने टेनिस क्रिकेट खेला, जिससे मुझे प्रोफेशनल क्रिकेट में कदम रखने की प्रेरणा मिली। बिहार में प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं, जैसे वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन।"

शोएब खान के पिता अदीब खान ने बेटे की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हमारे क्षेत्र से एक युवा इस स्तर तक पहुंचा है। यहां कई लड़के मेहनत कर रहे हैं। शोएब ने वर्ल्ड कप खेला, यह उल्लेखनीय है। हमने कभी नहीं सोचा था कि शोएब क्रिकेट में नाम कमाएगा। यह उसकी मेहनत का फल है। माता-पिता को अपने बच्चों को अच्छे खान-पान और शिक्षा देने की प्रेरणा लेनी चाहिए। यह ऊपर वाले की कृपा है कि शोएब ने यह सफलता पाई।"

शोएब खान ने 2025 में यूएई की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने 4 वनडे मैचों में 14 की औसत से कुल 56 रन बनाए हैं, वहीं 8 टी20 मैचों में उनकी औसत 21 रही है, जिसमें उन्होंने 147 रन बनाए हैं, जिनमें 2 अर्धशतक शामिल हैं।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शोएब ने यूएई के लिए चारों मैच खेले। वह न्यूजीलैंड के खिलाफ केवल 7 रन बना सके, लेकिन कनाडा के खिलाफ उन्होंने 51 रन की पारी खेली, जो उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला अर्धशतक था। इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाफ उन्होंने 68 रन बनाये, जबकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ उनके खाते में 6 रन रहे।