पटना, 20 मई। देशभर में अत्यधिक गर्मी और लू का प्रभाव जारी है, जिसमें तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंच गया है। अगर आप इस भीषण गर्मी में किसी ठंडी स्थान पर जाने का विचार कर रहे हैं, तो बिहार की कुछ जगहें आपके लिए आदर्श हो सकती हैं। यदि आपको शांत वातावरण, हरियाली और प्राकृतिक ठंडक की तलाश है, तो बिहार की कई मनमोहक स्थानें आपको सुकून प्रदान कर सकती हैं। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के घने जंगलों से लेकर शांति से भरी झीलों तक, बिहार में गर्मी के मौसम से राहत पाने के लिए कुछ बेहतरीन पर्यटन स्थल मौजूद हैं।
परेवा दह (पश्चिम चंपारण) :- वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के गोवर्धना फॉरेस्ट रेंज में स्थित परेवा दह एक अद्भुत स्थल है। स्थानीय भाषा में 'परेवा' का अर्थ कबूतर और 'दह' का अर्थ जल स्रोत है। घने जंगलों के बीच बहने वाली निर्मल जलधारा, चारों ओर की हरियाली और शांति का अनुभव यहां आते ही मन को ताजा कर देता है। यह स्थान प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव फोटोग्राफर्स के लिए एक स्वर्ग के समान है। पश्चिम चंपारण में इस स्थान तक पहुँचने के लिए बेतिया या नरकटियागंज रेलवे स्टेशन सबसे उपयुक्त है। वहाँ से टैक्सी या स्थानीय परिवहन के माध्यम से गोवर्धना रेंज पहुंचा जा सकता है।
उदयपुर झील (पश्चिम चंपारण) :- उदयपुर झील का नाम सुनकर आप राजस्थान की कल्पना न करें। यह झील भी बिहार के पश्चिम चंपारण में स्थित है। उदयपुर वन्यजीव अभयारण्य के भीतर स्थित एक सुंदर ऑक्सबो झील है, जिसे हाल ही में रामसर साइट का दर्जा प्राप्त हुआ है। इस स्थल में 319 हेक्टेयर में फैली हुई 280 से अधिक पौधों की प्रजातियाँ और 35 से ज्यादा प्रवासी पक्षी पाए जाते हैं। झील के चारों ओर जामुन के पेड़ और घनी वनस्पति इसे एक ठंडा स्थल बनाते हैं। गर्मी के मौसम में यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य मन को आकर्षित करता है। बेतिया या नरकटियागंज से सड़क मार्ग द्वारा इसे आसानी से पहुँचा जा सकता है।
ललभेतिया गिरि दर्शन (पश्चिम चंपारण) :- वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मंगुराहा रेंज में स्थित ललभेतिया गिरि दर्शन एक प्रसिद्ध सूर्यास्त देखने का स्थल है। यहाँ से तीन परतों वाले घने जंगलों का शानदार दृश्य दिखाई देता है। शाम को सूर्यास्त का नजारा देखने के लिए यह स्थान बेहद लोकप्रिय है। ठंडी हवाएं और शांत जंगल गर्मी से राहत देने के साथ-साथ रोमांच का भी अनुभव कराते हैं। यह स्थल मंगुराहा से गोवर्धना की दिशा में पड़ता है। बेतिया या वाल्मीकि नगर से कार या कैब द्वारा यहाँ पहुँचा जा सकता है।
घोड़ा कटोरा झील (राजगीर) :- बिहार में एक कटोरे के आकार की झील है, जिसे घोड़ा कटोरा झील कहा जाता है। यह झील सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य के ही नहीं, सांस्कृतिक महत्व के लिए भी जानी जाती है। इसे महाभारत काल से संबंधित माना जाता है, और यह अपने शांत वातावरण और चारों ओर फैली हरियाली के लिए प्रसिद्ध है। गर्मियों में यहां की ठंडी हवा और शांति प्रदान करने वाला माहौल पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है। यह जैव विविधता के संरक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है। यहां पटना या निकटवर्ती शहरों से बस या टैक्सी द्वारा पहुँचा जा सकता है।
राजधानी जलाशय (पटना) :- पटना के पुराने सचिवालय परिसर में स्थित राजधानी जलाशय 12 एकड़ में फैला हुआ है, जो गर्मियों में शहरवासियों के लिए एक ठंडा आश्रय स्थल है। यहाँ कई प्रवासी पक्षी आकर जलाशय की सुंदरता को और बढ़ा देते हैं। शाम को यहां टहलना और पक्षियों को निहारना बेहद सुखद अनुभव है। पटना शहर के बीचों-बीच होने के कारण यहाँ पहुँचना बेहद सरल है। स्थानीय ऑटो, ई-रिक्शा या निजी गाड़ी द्वारा वहाँ पहुँचा जा सकता है।