बिहार के मंत्री ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के चलन पर तीखी टिप्पणी की

बिहार के मंत्री ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के चलन पर तीखी टिप्पणी की

पटना, 23 मई। बिहार में सोशल मीडिया पर उभरी 'कॉकरोच जनता पार्टी' को लेकर राजनीतिक चर्चाएँ बढ़ गई हैं। बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने इस ऑनलाइन गतिविधि पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसमें शामिल लोगों को दिशाहीन करार देते हुए कहा कि ये लोग समाज के लिए किसी भी प्रकार का सकारात्मक योगदान नहीं कर रहे हैं।

कटिहार में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बात करते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि कुछ बेरोजगार युवा इस तरह की गतिविधियों के माध्यम से देश को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका दावा था कि भारतीय लोकतंत्र इस तरह के प्रवृत्तियों से इतनी आसानी से प्रभावित नहीं हो सकता।

मंत्री ने अपने बयान में कुछ विवादास्पद शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन लोगों की तुलना 'कॉकरोच' और 'चूहों' से की। उनका कहना था कि इस प्रकार के लोग भारतीय लोकतंत्र को हानि नहीं पहुँचा सकते। उनके इस बयान के कारण राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर बहस बढ़ गई है।

वास्तव में, 'कॉकरोच जनता पार्टी' का यह ट्रेंड 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद सुर्खियों में आया था। सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा, जो अपने पेशे में स्थापित नहीं हो पाते, वे कॉकरोच की तरह हर जगह फैल जाते हैं।

इस टिप्पणी को लेकर काफी विवाद हुआ, जिसे जस्टिस सूर्यकांत ने बाद में स्पष्ट किया कि उनकी बात को गलत तरीके से लिया गया था।

इसके अगले दिन एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता अभिजीत डिपके ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के लिए गूगल फॉर्म शेयर कर लोगों से रजिस्ट्रेशन के लिए अपील की। यह मजाक के तौर पर शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे यह बेरोजगारी, राजनीति और व्यवस्था के प्रति लोगों के गुस्से का प्रतीक बन गया।

इस बीच, दिलीप जायसवाल ने पश्चिम बंगाल में ईद-उल-अजहा के मौके पर गोहत्या पर सख्ती से रोक लगाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गाय का विशेष धार्मिक महत्व है और वह गोसंरक्षण के पक्षधर हैं।

मंत्री के दोनों बयानों के बाद अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस की शुरुआत हो गई है।