जहानाबाद, 22 मई। दीपक कुमार हत्या केस की जांच के दौरान पुलिस और एक संदिग्ध के बीच देर रात मुठभेड़ हुई। धुरियारी गांव के निकट हथियार बरामद करने के अभियान के दौरान संदिग्ध द्वारा पुलिस पर गोली चलाने का आरोप सामने आया है। इस पर पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। एसपी अपराजित लोहान ने बताया कि 19 मई को भेलावर पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। इस सिलसिले में रावण नामक संदिग्ध को 21 मई को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने अपराध के लिए इस्तेमाल किया गया हथियार घोसी पुलिस थाने के क्षेत्र में एक नहर के पास छिपा रखा था।
एसपी ने कहा कि पुलिस ने उसे हथियार बरामद करने के लिए उस स्थान पर ले जाकर कई जगहों पर तलाश की। जब उससे कड़ी पूछताछ की गई तो उसने झाड़ियों में छिपा हुआ हथियार निकाल कर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
एसपी ने जानकारी दी कि संदिग्ध की फायरिंग से पुलिस की एक गाड़ी को भी गोली लगी। एसआईटी की टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसके परिणामस्वरूप रावण के पैर में गोली लगी है। उसे प्राथमिक उपचार के लिए घोसी भेजा गया, और उसके बाद सदर अस्पताल में इलाज के लिए रेफर किया गया।
जहानाबाद के एसपी अपराजित लोहान ने 19 मई को शव के पोस्टमार्टम के संबंध में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि भेलावर थाना अंतर्गत एक व्यक्ति को गोली लगने की सूचना मिली थी। परिजनों के अनुरोध पर भेलावर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा था। हालांकि, 7-8 घंटे बीत जाने के बावजूद डॉक्टरों ने विभिन्न कारणों से शव का पोस्टमार्टम नहीं किया, जिसके चलते शव की स्थिति काफी खराब हो गई।