“हर थाली में बिहारी तरकारी” अभियान को मिली बड़ी उड़ान, किसानों के लिए 100 करोड़ के समझौते

“हर थाली में बिहारी तरकारी” अभियान को मिली बड़ी उड़ान, किसानों के लिए 100 करोड़ के समझौते

बिहार सरकार के सहकारिता विभाग के तत्वावधान में सोमवार को दीपनारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान में राज्यस्तरीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन लिमिटेड (वेजफेड) द्वारा किया गया। इस सम्मेलन का उद्घाटन बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने किया।

“हर थाली में बिहारी तरकारी” सिर्फ अभियान नहीं, बड़ा विजन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि “हर थाली में बिहारी तरकारी” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बिहार के किसानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का व्यापक विजन है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आधुनिक विपणन व्यवस्था, प्रसंस्करण सुविधाओं और बड़ी कंपनियों से सीधे जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

मंत्री ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब बिहार के किसान आर्थिक रूप से मजबूत और समृद्ध होंगे।

किसानों को बाजार से जोड़ने की बड़ी पहल

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बिहार के सब्जी उत्पादक किसानों को प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (PVCS) और सब्जी संघों के माध्यम से होटल, रिटेल चेन, प्रोसेसिंग यूनिट्स और अन्य संस्थागत खरीदारों से जोड़ना था। इस पहल से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और बिचौलियों की भूमिका कम होगी।

लगभग 100 करोड़ रुपये के MoU और वर्क ऑर्डर

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कंपनियों और सब्जी उत्पादक संघों के बीच लगभग 100 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (MoU) और कार्यादेश (Work Order) संपन्न हुए।

हरित सब्जी संघ ने Nature Frost और Harilal के साथ समझौते किए, जबकि तिरहुत सब्जी संघ को Nature Frost की ओर से कार्यादेश मिला। इसके अलावा Mandi Mitra और Sreja Food के साथ भी महत्वपूर्ण समझौते हुए। इन समझौतों से बिहार में उत्पादित सब्जियों की संस्थागत खरीद, प्रसंस्करण और विपणन को नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

बड़ी कंपनियों ने लिया हिस्सा

सम्मेलन में Hindustan Unilever, Mother Dairy, Nature Frost, Technico, Jain Irrigation, Kivisa Agro और Prakashsri Agro Tech जैसी कई कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा बिहार के आठ प्रमुख सब्जी संघों — हरित, तिरहुत, मिथिला, मगध, भागलपुर, मुंगेर, सारण और शाहाबाद — के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

बिहार में सब्जियों की भारी मांग

सम्मेलन के दौरान खरीदार कंपनियों ने बताया कि राज्य में 1 लाख मीट्रिक टन से अधिक सब्जियों की मांग है, जबकि वर्तमान में लगभग 50 हजार मीट्रिक टन की आपूर्ति हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि PVCS के माध्यम से किसानों को जोड़कर इस मांग को आसानी से पूरा किया जा सकता है।

वेजफेड निभा रहा अहम भूमिका

सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि सहकारिता मॉडल को हर गांव और प्रखंड तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि वेजफेड किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक खेती तकनीक, प्रसंस्करण सुविधाओं और बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

कई अधिकारी और प्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में निबंधक सहयोग समितियां रजनीश Kumar सिंह, अपर सचिव अभय कुमार सिंह, वेजफेड के प्रबंध निदेशक डॉ. गगन सहित कई अधिकारी, सब्जी संघों के अध्यक्ष और PVCS प्रतिनिधि उपस्थित रहे।