हार सरकार लाएगी ‘Young Professionals’, तकनीकी युवाओं को मिलेगा बड़ा मौका

हार सरकार लाएगी ‘Young Professionals’, तकनीकी युवाओं को मिलेगा बड़ा मौका

राज्य सरकार विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने के लिए दक्ष युवाओं की नियुक्ति करने जा रही है। इसके लिए “यंग प्रोफेशनल चयन संबंधी नीति-2026” तैयार की गई है। इस नीति के तहत विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तीन अलग-अलग श्रेणियों में युवाओं का चयन करेगा। माना जा रहा है कि इस पहल से विभागीय योजनाओं और तकनीकी परियोजनाओं को नई गति मिलेगी।

तीन श्रेणियों में होगा चयन

नई नीति के अंतर्गत यंग प्रोफेशनल की नियुक्ति तीन श्रेणियों — यंग प्रोफेशनल (वाईपी-I), यंग प्रोफेशनल (वाईपी-II) और यंग प्रोफेशनल (वाईपी-III) — में की जाएगी।

यंग प्रोफेशनल-I

इस श्रेणी में उन अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा, जिन्होंने डिप्लोमा परीक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों।

यंग प्रोफेशनल-II

इस वर्ग के लिए बी.टेक. में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक आवश्यक होंगे। साथ ही अभ्यर्थी के पास संबंधित शाखा में पिछले तीन वर्षों के भीतर का वैध गेट (GATE) स्कोर होना जरूरी होगा।

यंग प्रोफेशनल-III

इस श्रेणी में उन उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा, जिन्होंने एम.टेक. में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक हासिल किए हों और एम.टेक. में प्रवेश वैध गेट स्कोर के आधार पर लिया हो।

दो वर्षों के लिए होगी प्रारंभिक नियुक्ति

चयनित यंग प्रोफेशनल्स की प्रारंभिक नियुक्ति दो वर्षों के लिए की जाएगी। कार्य प्रदर्शन और संस्थानों की आवश्यकता के आधार पर इसे एक वर्ष के लिए आगे बढ़ाया जा सकेगा। विभिन्न संस्थानों में नियुक्तियों की संख्या विभाग की जरूरतों के अनुसार तय की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियुक्ति प्रक्रिया में राज्य की आरक्षण नीति का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

इन संस्थानों में देंगे सेवाएं

“यंग प्रोफेशनल चयन संबंधी नीति-2026” के तहत चयनित अभ्यर्थियों को विभाग और विभागाधीन संस्थानों में सेवाएं देने का अवसर मिलेगा। इनमें प्रमुख रूप से बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (BCST), बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशंस सेंटर (BIRSAC), डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी, बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी, सब-रीजनल साइंस सेंटर गया, स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, दरभंगा तारामंडल तथा राजकीय अभियंत्रण एवं पॉलिटेक्निक संस्थान शामिल हैं।

विभाग का क्या कहना है

विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अनुसार, विभागीय कार्यक्रमों और योजनाओं को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं की भर्ती की जाएगी। इसके लिए विशेष नीति तैयार की गई है और चयनित युवाओं को शुरुआती तौर पर दो वर्षों के लिए नियुक्त किया जाएगा।