राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा है कि सात निश्चय-3 योजना के अंतर्गत राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में शवदाह गृह या मुक्तिधाम का निर्माण कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम संस्कार से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर और व्यवस्थित बनाना है।
प्रत्येक मुक्तिधाम पर खर्च होंगे 22 लाख रुपये से अधिक
मंत्री ने बताया कि प्रत्येक मुक्तिधाम के निर्माण के लिए पंचायती राज विभाग द्वारा 22 लाख 17 हजार रुपये का मानक प्राक्कलन तैयार किया गया है। इस राशि से आधुनिक सुविधाओं से युक्त मोक्षधाम, श्मशान घाट और शवदाह गृह विकसित किए जाएंगे।
घेराबंदी और हरियाली पर भी रहेगा जोर
ग्रामीण विकास विभाग की ओर से मुक्तिधाम के मुख्य द्वार के दोनों ओर कुछ हिस्सों को छोड़कर बाकी क्षेत्र की घेराबंदी कराई जाएगी। इसके लिए पिलर और वायर मेश फेंसिंग का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा मुक्तिधाम के चारों तरफ दो पंक्तियों में वृक्षारोपण भी कराया जाएगा, जिससे परिसर को स्वच्छ और हरित बनाया जा सके।
रोजगार मिशन के तहत होगा कार्य
मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि वृक्षारोपण, फेंसिंग और घेराबंदी का कार्य “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” के माध्यम से कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना पर होने वाले खर्च का वहन भी इसी मिशन के तहत किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सात निश्चय-3 योजना से लोगों को मिलेगा लाभ
मंत्री ने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शुरू की गई सात निश्चय-3 योजना के तहत इस पहल को लागू करने से ग्रामीण जनता को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और लोगों को सम्मानजनक एवं व्यवस्थित सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है।