बिहार के ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए “मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना” के तहत राज्य के सभी जिलों को 10 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य उन गरीब परिवारों को आवास सहायता उपलब्ध कराना है, जो पहले से जर्जर आवासों में रह रहे हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभ से वंचित रह गए हैं।
किन परिवारों को मिलेगा योजना का लाभ?
मंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 1996 से पहले विभिन्न आवास योजनाओं के तहत समूहों में बनाए गए कई घर अब जर्जर हो चुके हैं। ऐसे लाभुक, जिन्हें पहले किसी योजना के तहत आवास मिला था लेकिन अब उनका घर रहने योग्य नहीं है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा, जिन परिवारों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की प्रतीक्षा सूची में शामिल नहीं है, उन्हें भी “मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना” के तहत सहायता दी जाएगी।
1.20 लाख रुपये की मिलेगी सहायता
सरकार पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। यह राशि तीन किश्तों में दी जाएगी ताकि लाभुक अपने जर्जर मकानों का निर्माण कार्य पूरा कर सकें।
‘कोई गरीब परिवार बेघर नहीं रहेगा’
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संकल्पों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में कोई भी गरीब और पात्र परिवार बेघर नहीं रहेगा। सरकार सभी जरूरतमंद परिवारों को पक्के छत वाले मकान उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत होगा आवास ढांचा
मंत्री ने कहा कि जारी की गई राशि से लाभुक अपने जर्जर मकानों का निर्माण पूरा कर सकेंगे और राज्य के गरीब परिवारों को सुरक्षित एवं पक्का घर मिल सकेगा। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।