भुवन चंद्र खंडूरी ने ईमानदारी, सादगी और विकास की राजनीति का उदाहरण पेश किया : राष्ट्रपति मुर्मु

भुवन चंद्र खंडूरी ने ईमानदारी, सादगी और विकास की राजनीति का उदाहरण पेश किया : राष्ट्रपति मुर्मु

नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर शोक जताया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भुवन चंद्र खंडूरी ने ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत किया। देश के तथा उत्तराखंड के विकास, सुशासन और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा स्मरणीय रहेगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीसी खंडूरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवा देने के बाद उन्होंने जन सेवा के लिए ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत किया। देश के तथा उत्तराखंड के विकास, सुशासन और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव स्मरणीय रहेगी। मैं उनके शोक संतप्त परिवारजनों और शुभचिंतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करती हूं।'' उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के कार्यालय ने सोशल मीडिया पर लिखा, "पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, मेजर जनरल बी. सी. खंडूरी (सेवानिवृत्त) के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। उनके निधन से देश ने एक विशिष्ट सैनिक, एक सक्षम प्रशासक और असाधारण ईमानदारी वाले एक राजनेता को खो दिया है। स्वर्णिम चतुर्भुज और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम के माध्यम से भारत के सड़क बुनियादी ढांचे को बदलने की दिशा में उनका दूरदर्शी योगदान देश की विकास यात्रा में एक मील का पत्थर बना रहेगा। हाल ही में देहरादून की अपनी यात्रा के दौरान मुझे उनसे मिलने का सौभाग्य मिला था; उस समय हमने लोकसभा में पूर्व सहकर्मी के रूप में अपने जुड़ाव को स्नेहपूर्वक याद किया। दुख की इस घड़ी में, मैं उनके परिवार, उनके अनगिनत प्रशंसकों और उत्तराखंड की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।" केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, ''उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूरी जी का निधन उत्तराखंड एवं भाजपा परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। तीन दशकों से अधिक समय तक सेना में अपनी सेवाएं देने वाले बीसी खंडूरी जी आजीवन राष्ट्र प्रथम के संकल्प के प्रति समर्पित रहे।