भोपाल, 21 मई। मध्य प्रदेश सरकार ने ट्विशा मामले में विवादित जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, भोपाल-2 की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने आयोग के रजिस्ट्रार को लिखे पत्र में गिरिबाला सिंह को उनके पद से हटाने के लिए आवश्यक जांच रिपोर्ट देने को कहा है।
पत्र में उपभोक्ता संरक्षण (राज्य आयोग और जिला आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए अर्हता, भर्ती की प्रक्रिया, नियुक्ति की विधि, कार्यकाल, इस्तीफा और हटाने) नियम 2020 के उपनियम 9 (2) के अंतर्गत त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
भोपाल के कटारा हिल्स थाने में दर्ज एक मामले का उल्लेख करते हुए, पत्र में कहा गया है कि गिरिबाला सिंह पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 80(2), 65(3)(5) और दहेज प्रतिबंध अधिनियम के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध है।
परिवार द्वारा पहले ही गिरिबाला सिंह को पद से हटाने की मांग की गई थी। अब इस आपराधिक मामले के आधार पर विभाग ने उन्हें हटाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, सरकार जल्द ही इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई कर सकती है।
ट्विशा मामले ने भोपाल में पिछले कुछ दिनों से गहन चर्चा का विषय बना हुआ है। यह प्रकरण उपभोक्ता आयोग जैसी महत्वपूर्ण न्यायिक संस्था की प्रतिष्ठा पर भी सवाल खड़े कर रहा है। इस पत्र को गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि इसमें स्पष्ट रूप से आपराधिक मामले का जिक्र करते हुए नियमों के तहत कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। यदि जांच रिपोर्ट में कोई अनियमितता पाई जाती है तो गिरिबाला सिंह को उनके पद से हटा दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश सरकार उपभोक्ता आयोगों में पारदर्शिता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठा रही है। इस मामले में अंतिम निर्णय जल्दी ही आने की संभावना है।