भारतीय रेलवे ने सुरक्षा के लिए एआई, ड्रोन और सीसीटीवी का उपयोग शुरू किया: अश्विनी वैष्णव

भारतीय रेलवे ने सुरक्षा के लिए एआई, ड्रोन और सीसीटीवी का उपयोग शुरू किया: अश्विनी वैष्णव

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को बताया कि भारतीय रेलवे ट्रेन, यात्री, स्टेशन की सुरक्षा और इसके विशाल नेटवर्क की रक्षा हेतु एआई, ड्रोन और सीसीटीवी जैसी नवीनतम तकनीकों का व्यापक रूप से उपयोग कर रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान यह भी कहा कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा खुफिया डेटा एकत्र करने की प्रणाली को मजबूत करने के लिए मिशन मोड में काम किया जा रहा है।

रेल मंत्रालय ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पूरे देश के क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ विस्तृत बातचीत की।

बैठक का मुख्य उद्देश्य रेलवे नेटवर्क में सुरक्षा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए आरपीएफ और सरकारी रेलवे पुलिस के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करना था।

बैठक में बताया गया कि हाल के दिनों में हुई कुछ घटनाओं की प्रारंभिक जांच में असामाजिक तत्वों की भागीदारी पाई गई है, जिसमें हाल की आगजनी की घटनाएं भी शामिल हैं।

भारतीय रेलवे ने इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है और आरपीएफ इनकी गहन जांच कर रही है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि रेलवे की त्वरित कार्रवाई के कारण कई बड़े हादसों को टालने में सफलता मिली है।

बैठक में यह अनुभव किया गया कि खुफिया प्रणाली को मजबूत करने और सूचनाओं को त्वरित प्रोसेसिंग के लिए तकनीक का उपयोग बढ़ाने के साथ-साथ यात्रियों को असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम में सहयोग देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मंत्रालय ने यात्रियों से आग्रह किया कि यात्रा के दौरान सतर्क और सावधान रहें। रेलवे परिसर में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तत्काल रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर देने के लिए कहा गया है।

बैठक में तकनीक आधारित सुरक्षा उपायों को मजबूत करने, पूरे रेलवे नेटवर्क में सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने और रेलवे बोर्ड मुख्यालय तथा क्षेत्रीय जोन के बीच संचालन सुरक्षा समन्वय में सुधार पर भी बल दिया गया।

इसके अलावा, साइबर सुरक्षा को और भी मजबूत करने, कैमरों की गुणवत्ता को उन्नत करने और एआई-आधारित निगरानी प्रणाली के तैनाती पर भी चर्चा की गई।