नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)। भारत और वियतनाम के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में हुए इस समझौते से दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा मिलेगी। रक्षा मंत्री ने इसे दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी में एक बड़ा और भविष्य उन्मुख कदम बताया है। इसके अलावा वियतनाम के साथ समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग, सैन्य प्रशिक्षण तथा क्षेत्रीय स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई है। दरअसल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने आधिकारिक दौरे पर वियतनाम में हैं। यहां मंगलवार को उन्होंने वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल फान वान जियांग के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच तेजी से मजबूत हो रहे रक्षा संबंधों की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक के बाद रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और वियतनाम के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। भारत इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। दौरे के दौरान दोनों रक्षा मंत्रियों ने संयुक्त रूप से वियतनाम एयर फोर्स ऑफिसर कॉलेज में स्थापित भाषा प्रयोगशाला का उद्घाटन भी किया। इसे दोनों देशों के सैन्य सहयोग और प्रशिक्षण संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस पहल से सैन्य अधिकारियों के बीच बेहतर संवाद और प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ावा मिलेगा। भारत और वियतनाम के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में भी सहयोग को नई दिशा मिली है। दोनों पक्षों ने इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया। अपनी यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री ने वियतनाम के राष्ट्रपिता और महान क्रांतिकारी नेता हो ची मिन्ह की समाधि पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। यह अवसर हो ची मिन्ह की 136वीं जयंती का था। राजनाथ सिंह ने कहा कि हो ची मिन्ह का दृष्टिकोण, नेतृत्व और राष्ट्रीय स्वतंत्रता के प्रति उनका समर्पण आज भी दुनिया की कई पीढ़ियों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि भारत और वियतनाम की मि
भारत-वियतनाम रक्षा संबंधों को नई मजबूती, रक्षा मंत्री ने की उच्चस्तरीय वार्ता