नई दिल्ली, 20 मई। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत के दोपहिया क्षेत्र में वित्त वर्ष 27 के दौरान सालाना वृद्धि दर 5 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है। इसके पीछे जीएसटी में कमी और प्रतिस्थापन की मांग में इजाफा कारण बताए गए हैं। यह जानकारी हाल ही में प्रकाशित अध्ययन में शामिल है। आईसीआरए की इस रिपोर्ट में कहा गया कि अप्रैल में घरेलू दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री में 29.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसके साथ इस महीने की कुल बिक्री 1.9 मिलियन यूनिट रही। इसका कारण जीएसटी 2.0 का प्रभाव बताया गया है।
हालांकि, अध्ययन में इस बात की चेतावनी दी गई है कि उच्च आधार प्रभाव, अल नीनो के कारण मानसून की संभावित कमी, ईंधन की बढ़ती कीमतें और इनपुट लागत में इजाफा आने वाले महीनों में वृद्धि की गति को धीमा कर सकते हैं।
इस रिपोर्ट के अनुसार, खुदरा मांग भी इस महीने अच्छी स्थिति में रही, जिसमें सालाना आधार पर 13 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। यह वृद्धि अपेक्षाकृत कम मूल्य वृद्धि, ग्रामीण इलाकों में मजबूत कृषि उत्पादन के चलते नकदी प्रवाह में स्थिरता, और मई के मध्य तक चलने वाले शादी के सीजन के कारण संभव हो सकी।
इलेक्ट्रिक दोपहिया (ई2डब्ल्यू) सेगमेंट ने भी अच्छी बढ़ोतरी जारी रखी, जहां अप्रैल 2026 में इस सेगमेंट की खुदरा बिक्री 1,54,337 यूनिट रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 68.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है।
वित्त वर्ष 2026 के लिए ई2डब्ल्यू की बिक्री में करीब 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई, और अप्रैल 2026 में समग्र दोपहिया बाजार में इसकी हिस्सेदारी 8.1 प्रतिशत तक पहुंच गई।
रिपोर्ट में बताया गया कि इस सेगमेंट की स्थिर वृद्धि उपभोक्ताओं की बढ़ती स्वीकृति को दर्शाती है, जिसे उत्पादों की बेहतर उपलब्धता और लागत की प्रतिस्पर्धा से समर्थन मिला है।
इस के साथ, निर्यात उद्योग में भी महत्वपूर्ण विकास हुआ है, जहां कुछ विदेशी बाजारों की चुनौतियों के बावजूद अप्रैल में मासिक निर्यात की मात्रा पिछले वर्ष की तुलना में 38.3 प्रतिशत बढ़ी।
वित्त वर्ष 2026 के लिए समग्र दोपहिया निर्यात में 23.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो उत्पाद पोर्टफोलियो के विस्तार और भारतीय दोपहिया ब्रांडों की बढ़ती वैश्विक पहचान से समर्थित है।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भू-राजनीतिक अस्थिरता, विशेषकर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव, आपूर्ति श्रृंखलाओं और निर्यात प्रदर्शन पर खतरे की एक वजह बन सकते हैं।