भारत और साइप्रस के बीच नई रणनीतिक साझेदारी, निवेश दोगुना करने का लक्ष्य: पीएम मोदी

भारत और साइप्रस के बीच नई रणनीतिक साझेदारी, निवेश दोगुना करने का लक्ष्य: पीएम मोदी

नई दिल्ली, 22 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स ने शुक्रवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय चर्चा की। इस बैठक में, पीएम मोदी ने राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिड्स और उनके समकक्ष प्रतिनिधियों का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स का भारत में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है।

पीएम ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष साइप्रस में उनके द्वारा किए गए स्वागत से वह बहुत प्रभावित हुए थे। राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिड्स ने उन्हें साइप्रस का 'सर्वोच्च सम्मान' प्रदान किया, जिससे भारत के प्रति उनकी गहरी श्रध्दा का पता चलता है। इस यात्रा के दौरान उनकी गर्मजोशी और स्नेह की मैं सराहना करता हूँ। आज आपकी भारत यात्रा हमारी सामूहिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण चरण है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस के बीच संबंध अत्यंत मजबूत हैं। लोकतंत्र और कानून के शासन पर हमारे साझा विश्वास ने हमारी साझेदारी को मजबूत किया है। हम सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हैं, और भारत इन सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

मोदी ने बताया कि पिछले दस वर्षों में साइप्रस से भारत में निवेश लगभग दोगुना हो चुका है। दोनों देशों के बीच विश्वास में वृद्धि हुई है, और भारत-यूरोपीय संघ के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ने नई संभावनाएँ खोली हैं। इस अवसर का लाभ उठाते हुए, हम अगले पांच वर्षों में इस निवेश को फिर से दोगुना करने का संकल्प ले रहे हैं, और इसे साकार करने के लिए, हम आज अपने संबंधों को 'स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' में विकसित कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि हमने आज वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया, जैसे यूक्रेन और पश्चिम एशिया। हम संघर्ष की त्वरित समाप्ति और शांति प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे। इसी के साथ, हम इस बात से सहमत हैं कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है। भारत और साइप्रस का संबंध समय की कसौटी पर खरा साबित हुआ है, और आज इस 'स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' के गठन के साथ हम अपने संबंधों को नई प्रेरणा और गति देने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।