नई दिल्ली, 21 मई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को 'गद्दार' कहने की कड़ी निंदा की। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि राहुल गांधी की शब्दावली न केवल अनुचित है, बल्कि यह अभद्र और असंसदीय भी है।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसा लगता है कि राहुल ने यह टिप्पणी निराशा में की है और ऐसी बातें स्वीकार्य नहीं हो सकती हैं। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी चीन के साथ हुए समझौते का कब खुलासा करेंगे, उसे देशहित में मानते हैं या देश के खिलाफ गद्दारी।
कर्नाटक से भाजपा सांसद लहर सिंह सिरोया ने मीडिया को बताया कि राहुल गांधी को गंभीरता से न लेना ही बेहतर है। मीडिया को उनके बेतुके बयानों को नजरअंदाज करना चाहिए। पूरी जनता को पता है कि वह किस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने कहा कि राहुल गांधी अर्बन नक्सल के नेता हैं और वह झूठे नरेटिव फैला रहे हैं। उन्होंने भारत, भारतीय नागरिकों और सरकार की छवि को खराब किया है और वह भारत को विश्व गुरु बनाने में रुकावट डालने वाले अंतरराष्ट्रीय ताकतों के प्रभाव में हैं।
संत समाज ने भी राहुल गांधी के बयानों को अमर्यादित करार दिया है। संत योगानंद गिरि महाराज ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणियों की तीव्र आलोचना की और सार्वजनिक संवाद में मर्यादा बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बयानों से उनके स्तर का पता चलता है। उनके सभी बयानों को बचकाना कहा गया। वाणी व्यक्ति के व्यक्तित्व को दर्शाती है और उनकी भाषा उनकी योग्यता को उजागर करती है। राहुल गांधी को इस तरह की टिप्पणियों से बचना चाहिए, क्योंकि उनके बयानों के कारण पार्टी कांग्रेस अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।