नई दिल्ली, 20 मई। लोकसभा में मुख्य विपक्षी नेता राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी पर की गई विवादास्पद टिप्पणी के जवाब में भाजपा ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी को राजनीति का राहु बताते हुए कहा है कि वे राजनीतिक वातावरण में जहर घोल रहे हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी का यह बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने न केवल पीएम नरेंद्र मोदी का अपमान किया है, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों का भी अपमान किया है। उन्होंने अपने अतीत से कोई सीख नहीं ली है; हर बार जब उन्होंने पीएम मोदी का अपमान किया, तब जनता ने उन्हें जीताया है। उन्हें अपने इस घटिया बयानों की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
वे आगे बोले कि राहुल गांधी का बयान उनके अराजक मानसिकता को दर्शाता है। भारतीय राजनीति में शालीनता और आपसी सम्मान की परंपरा है, इसलिए उनका यह बयान बेहद दुखद है। लगातार हार और निराशा उनकी मानसिकता में झलकती है, और आज के शब्द इसी निराशा का परिणाम हैं। उनके पूर्वजों ने देश की जमीन गिरवी रखी, जबकि पीएम मोदी के नेतृत्व में इस भूमि का और जमीर का संरक्षण किया गया है। कांग्रेस सरकार तो भ्रष्टाचार में जकड़ी रही। हमारी सरकार ने आतंकवाद पर काबू पाया है। नितिन नवीन ने कहा कि राहुल गांधी राजनीति के राहु हैं और वे राजनीति का माहौल खराब कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी राहुल गांधी की भाषा की आलोचना की, इसे दुश्मन देश की तरह बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का बोलने का तरीका किसी विरोधी देश की बातों से मेल खाता है। दुनिया पहले से ही भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में जानती है, उन्हें राहुल गांधी की उपस्थिति की कोई आवश्यकता नहीं है। राहुल गांधी आज देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि जनता और युवा पीएम मोदी और अमित शाह के साथ खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की यह हताशा गांधी परिवार की सत्ता की लालसा से उपजी है, जिसके चलते वे मानसिक अस्थिरता का शिकार हो गए हैं।
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने टिप्पणी की कि राहुल गांधी की मानसिक स्थिति से सभी परिचित हैं और यह संभव है कि वे विदेश से लौटकर नया एजेंडा लेकर आए हों।
भाजपा सांसद भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि देश की स्थिति मजबूत है और पड़ोसी देशों में युद्ध के हालात के बीच, पीएम मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और सही दिशा में बढ़ रहा है। राहुल गांधी के बयानों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि न तो जनता और न ही उनकी पार्टी के सदस्य उनके शब्दों को गंभीरता से लेते हैं।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार पर आरोप लगाया कि उन्होंने भारत के संविधान को नष्ट किया है। उन्होंने बताया कि नेहरू की सरकार में संविधान में किए गए संशोधन केवल मीडिया को दबाने के लिए थे। इंदिरा गांधी ने संविधान की आत्मा को खत्म कर दिया था। जब राहुल गांधी संविधान की बात करते हैं, तो उन्हें इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में लगाए गए आपातकाल को याद करना चाहिए।
भाजपा सांसद मनन मिश्रा ने कहा कि यह साबित हो चुका है कि राहुल गांधी खुद देश के गद्दार हैं। जब भी वे विदेश जाते हैं, वे कई दुश्मनों और राष्ट्र-विरोधियों से मिलते हैं और योजनाएं बनाते हैं। यह व्यक्ति देश का गद्दार है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी की सोच अराजक है। वे बिल्कुल शहरी नक्सलियों की तरह बोलते हैं और उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों को गद्दार कहा है। उनके बयानों से स्पष्ट है कि उनकी नीति 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' जैसी है, और वे इस बात से हताश हैं कि भारतीय राज्य के खिलाफ उनकी मंशा विफल रही है।
बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि यह हताशा साफ दिखती है। विदेश में जाकर वे अपने ही देश के खिलाफ बोलते हैं और देश के भीतर दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता पीएम मोदी और गृह मंत्री के खिलाफ अपशब्द कहते हैं। वे जिस प्रकार की भाषा का उपयोग कर रहे हैं, वह लोगों द्वारा कभी स्वीकार नहीं की जाएगी। पीएम हमारे लिए एक आदर्श हैं।
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि राहुल गांधी के द्वारा पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के लिए किए गए अपमानजनक शब्द निंदनीय हैं। उनका यह बयान साफ दर्शाता है कि कांग्रेस भ्रम और हताशा की स्थिति में है।