कोलकाता, 20 मई। पश्चिम बंगाल में सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त मदरसों में कक्षाएं आरंभ होने से पहले प्रार्थना सत्र के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाना अब अनिवार्य हो गया है। यह जानकारी राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने दी।
मंत्री टुडू ने कहा कि अब मान्यता प्राप्त मदरसों के लिए भी यह जरूरी होगा, जैसा कि राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों में है।
उन्होंने बातचीत के दौरान बताया, “पश्चिम बंगाल में कई सरकारी स्कूल हैं जहाँ संताली भाषा में शिक्षा दी जाती है। अगर वहां ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य है, तो मदरसों में इसे अनिवार्य करना क्यों सही नहीं होगा?”
इस संबंध में पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा निदेशालय द्वारा एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत सभी सहायता प्राप्त मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य किया गया है।
मदरसा शिक्षा निदेशक द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि पहले के सभी आदेशों और प्रथाओं को समाप्त करते हुए, अब पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के अधीन सभी सरकारी मॉडल मदरसों (अंग्रेजी माध्यम), मान्यता प्राप्त सहायता प्राप्त मदरसों, स्वीकृत एमएसके, स्वीकृत एसएसके और मान्यता प्राप्त गैर-सहायता प्राप्त मदरसों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य होगा।
इससे पहले, 13 मई को पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य करने का नोटिस जारी किया था।
राज्य के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 14 मई को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पर शिक्षा विभाग के इस नोटिस को साझा किया था।
अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया है।