मुंबई, 22 मई। बांद्रा में हुए पथराव की घटना के संदर्भ में निर्मल नगर पुलिस ने तीन गिरफ्तार आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने तीनों को 26 मई तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है।
पुलिस ने आरोपियों को बांद्रा में डेमोलिशन के दौरान पथराव और पुलिस पर हमले के मामले में पेश किया था। आरोपी सद्दाम अंसारी के वकील ने कहा कि फोटो में जो व्यक्ति नजर आ रहा है, उसकी पहचान को सही नहीं माना जा सकता। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि केवल तस्वीरों के आधार पर आरोपियों की पहचान नहीं की जा सकती।
वहीं, सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियोज के माध्यम से हो रही है। पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने कहा कि अन्य आरोपियों की पहचान करना भी बाकी है। चूंकि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, इसीलिए आरोपियों की पुलिस हिरासत आवश्यक है।
पुलिस का कहना है कि इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और हमले के दौरान पेवर ब्लॉक का इस्तेमाल किया गया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने इसे एक गंभीर मामला बताते हुए आगे की जांच के लिए और समय मांगा।
पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपियों ने जानबूझकर पुलिस टीम पर पथराव किया था। एफआईआर के अनुसार, यह घटना 20 मई को बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन के पास गरीब नगर में अवैध संरचना के ध्वस्तीकरण के ऑपरेशन के दौरान हुई। यह कार्रवाई कोर्ट के निर्देशों और पूर्व निर्धारित तोड़फोड़ कार्यक्रम के अनुसार की गई थी। अधिकारियों ने इस ऑपरेशन के दौरान मुंबई पुलिस, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ), होम गार्ड और अन्य स्टाफ को तैनात किया था।
जब अधिकारी तोड़फोड़ कर रहे थे, तभी मौके पर लगभग 100 से 150 लोग इकट्ठा हो गए और विरोध करने लगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने बार-बार अनाउंसमेंट करके लोगों से शांतिपूर्वक हटने का अनुरोध किया, लेकिन भीड़ ने गुस्सा दिखाते हुए ऑपरेशन को बाधित करने का प्रयास किया।